मुजफ्फरनगर: एडीजी ने परखी कांवड़ यात्रा की सुरक्षा, SSP के नेतृत्व में मुजफ्फरनगर पुलिस की सराहना
श्रावण कांवड़ यात्रा-2026 को सकुशल, सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से मेरठ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) भानु भास्कर ने मुजफ्फरनगर पहुंचकर कांवड़ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया।
मुजफ्फरनगर से संजय कुमार की रिपोर्ट
मुजफ्फरनगर/जनमत न्यूज़। श्रावण कांवड़ यात्रा-2026 को सकुशल, सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से मेरठ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) भानु भास्कर ने मुजफ्फरनगर पहुंचकर कांवड़ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया।
उन्होंने कांवड़ मार्ग, पुलिस सहायता केंद्रों, बैरिकेडिंग, सीसीटीवी निगरानी, ट्रैफिक प्रबंधन तथा सुरक्षा इंतजामों का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान एडीजी भानु भास्कर ने शिव चौक पर शिवभक्त कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया।
इसके बाद उन्होंने रामपुर तिराहा स्थित अस्थायी थाना का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के नेतृत्व में मुजफ्फरनगर पुलिस द्वारा की गई व्यापक सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने के बाद एडीजी ने व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया।
देर रात तक जिलाधिकारी उमेश मिश्रा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा, पुलिस अधीक्षक नगर, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण तथा पुलिस अधीक्षक अपराध सहित प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी स्वयं सड़कों पर मौजूद रहकर सुरक्षा व्यवस्था, यातायात संचालन और कांवड़ियों की सुविधाओं की लगातार निगरानी करते रहे।
एडीजी ने ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वे पूरी सतर्कता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें, कांवड़ यात्रियों की हरसंभव सहायता करें, यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि अथवा आपात स्थिति की सूचना तत्काल कंट्रोल रूम एवं वरिष्ठ अधिकारियों को दें।
मुजफ्फरनगर पुलिस और प्रशासन का लक्ष्य कांवड़ यात्रा-2026 को सुरक्षित, व्यवस्थित एवं दुर्घटनामुक्त संपन्न कराना है। इसी उद्देश्य से जनपद में अधिकारी लगातार फील्ड में रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।


