मुजफ्फरनगर: गलत अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट से नाबालिग का ऑपरेशन कराने का आरोप, डीएम के निर्देश पर जांच शुरू

उप्र के मुजफ्फरनगर जनपद के ग्राम खुड़ा से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मुजफ्फरनगर: गलत अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट से नाबालिग का ऑपरेशन कराने का आरोप, डीएम के निर्देश पर जांच शुरू
Published By- Diwaker Mishra

मुजफ्फरनगर से संजय कुमार की रिपोर्ट

मुजफ्फरनगर/जनमत न्यूज़। उप्र के मुजफ्फरनगर जनपद के ग्राम खुड़ा से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

एक पीड़ित पिता ने आरोप लगाया है कि उसकी 16 वर्षीय बेटी की अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में कथित रूप से गलत जानकारी दर्ज कर उसे पित्त की थैली (गॉलब्लैडर) में पथरी होने की बात बताई गई। 

इसी रिपोर्ट के आधार पर डॉक्टरों ने ऑपरेशन किया, लेकिन परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान पथरी मिली ही नहीं। अब इस पूरे मामले की शिकायत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और जिला प्रशासन से की गई है, जिसके बाद जांच शुरू कर दी गई है।

पीड़ित का कहना है कि उसकी नाबालिग बेटी पेट दर्द की शिकायत के चलते जांच के लिए KARE Imaging Diagnostic Centre पहुंची थी। आरोप है कि केंद्र के संचालक डॉ. प्रेम सिंह द्वारा जारी अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में गॉलब्लैडर में पथरी होने का उल्लेख किया गया।

रिपोर्ट पर भरोसा कर परिजनों ने बच्ची का ऑपरेशन करा दिया, लेकिन ऑपरेशन के दौरान चिकित्सकों को कोई पथरी नहीं मिली। परिजनों का आरोप है कि यदि अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट सही होती तो उनकी बेटी को अनावश्यक ऑपरेशन की पीड़ा नहीं झेलनी पड़ती।

उनका कहना है कि गलत रिपोर्ट के कारण न केवल बच्ची को शारीरिक कष्ट सहना पड़ा, बल्कि परिवार को मानसिक तनाव और आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा।

पीड़ित ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि कथित फर्जी रिपोर्ट तैयार कर धोखाधड़ी की गई तथा गलत इलाज के लिए प्रेरित किया गया। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने प्रकरण का संज्ञान लिया है। जानकारी के अनुसार, अल्ट्रासाउंड सेंटर के नोडल अधिकारी भी पूरे मामले की जांच कर रहे हैं।

प्रशासन द्वारा विशेषज्ञों का जांच बोर्ड गठित किए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जो दोनों अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट, ऑपरेशन से संबंधित अभिलेखों और अन्य चिकित्सीय दस्तावेजों का परीक्षण करेगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

यदि जांच में यह साबित होता है कि अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में लापरवाही या अनियमितता हुई है, तो संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

हालांकि, यह ध्यान देना महत्वपूर्ण है कि ये आरोप शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए हैं। मामले की जांच जारी है और संबंधित अल्ट्रासाउंड सेंटर या डॉ. प्रेम सिंह का पक्ष अभी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है। अंतिम निष्कर्ष प्रशासनिक एवं चिकित्सकीय जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।