प्रतापगढ़: पट्टी तहसील में वाटर एटीएम बना शोपीस, जिम्मेदारों की कार्यशैली पर उठे सवाल

उप्र के प्रतापगढ़ जनपद की पट्टी तहसील परिसर में अधिवक्ताओं और वादकारियों की सुविधा के लिए लगाया गया वाटर एटीएम लंबे समय से बंद पड़ा है।

प्रतापगढ़: पट्टी तहसील में वाटर एटीएम बना शोपीस, जिम्मेदारों की कार्यशैली पर उठे सवाल
Published By- Diwaker Mishra

प्रतापगढ़ से विकास गुप्ता की रिपोर्ट

प्रतापगढ़/जनमत न्यूज़। उप्र के प्रतापगढ़ जनपद की पट्टी तहसील परिसर में अधिवक्ताओं और वादकारियों की सुविधा के लिए लगाया गया वाटर एटीएम लंबे समय से बंद पड़ा है।

शुद्ध और ठंडा पानी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लगाई गई मशीन अब महज शोपीस बनकर रह गई है। मशीन के संचालन और रखरखाव को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं।

बताया जाता है कि यह वाटर एटीएम सांसद एसपी सिंह पटेल की ओर से अधिवक्ताओं और वादकारियों की सुविधा के लिए लगवाया गया था। इसका उद्देश्य तहसील परिसर में आने वाले लोगों को साफ, शुद्ध और ठंडा पेयजल उपलब्ध कराना था।

मशीन लगने के बाद लोगों को उम्मीद थी कि उन्हें गर्मी के दिनों में पेयजल के लिए भटकना नहीं पड़ेगा, लेकिन आरोप है कि यह शुरू से ही ठीक ढंग से संचालित नहीं हो सका।

पट्टी तहसील में प्रतिदिन बड़ी संख्या में अधिवक्ता, वादकारी और आम लोग अपने काम के सिलसिले में पहुंचते हैं। गर्मी के मौसम में पेयजल की आवश्यकता और भी बढ़ जाती है।

ऐसे में जनसुविधा के लिए लगाई गई मशीन के लंबे समय से बंद रहने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि वाटर एटीएम का इस्तेमाल ही नहीं हो रहा है तो इसे लगाने का उद्देश्य ही अधूरा रह गया।

लोगों ने संबंधित अधिकारियों से मशीन की तकनीकी जांच कराकर खराबी दूर कराने और वाटर एटीएम को जल्द से जल्द चालू कराने की मांग की है। वहीं, लंबे समय से बंद पड़े वाटर एटीएम ने तहसील प्रशासन की निगरानी और रखरखाव व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

लोगों का कहना है कि जनहित में लगाए गए उपकरणों का नियमित रखरखाव और संचालन सुनिश्चित करना जिम्मेदार विभाग की प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि सरकारी संसाधनों का लाभ वास्तव में आम जनता तक पहुंच सके।