संभल में बाढ़ की चपेट में कई गांव, फसलें बर्बाद; रास्ते जलमग्न, घरों तक पंहुचा पानी

उप्र के संभल जनपद में बाढ़ का पानी लगातार ग्रामीण इलाकों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। गुन्नौर तहसील क्षेत्र के तोतापुर, बझागी,उदिया नगला, समेत करीब तीन दर्जन गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं।

संभल में बाढ़ की चपेट में कई गांव, फसलें बर्बाद; रास्ते जलमग्न, घरों तक पंहुचा पानी
Published By- Diwaker Mishra

संभल से राम व्रेश यादव की रिपोर्ट

संभल/जनमत न्यूज़। उप्र के संभल जनपद में बाढ़ का पानी लगातार ग्रामीण इलाकों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। गुन्नौर तहसील क्षेत्र के तोतापुर, बझागी,उदिया नगला, समेत करीब तीन दर्जन गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं।

कई गांवों में बाढ़ का पानी पहुंचने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। वहीं खेतों में पानी भरने से किसानों की फसलें भी बर्बाद हो चुकी हैं। प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित इलाकों में सुरक्षा और राहत व्यवस्था को लेकर निगरानी की जा रही है।

संभल के गुन्नौर तहसील क्षेत्र में बाढ़ का पानी ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। तोतापुर ,बझागी,उदिया नगला समेत आसपास के कई गांवों में बाढ़ का पानी पहुंच चुका है।

पानी भरने के कारण ग्रामीणों को आवागमन से लेकर रोजमर्रा के कामों तक में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, बाढ़ के पानी ने किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है। खेतों में पानी भरने के कारण खड़ी फसलें जलमग्न हो गई हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय तक खेतों में पानी भरा रहने से फसलों को भारी नुकसान हुआ है। किसानों को आर्थिक नुकसान की चिंता सता रही है बताया जा रहा है कि गुन्नौर तहसील क्षेत्र के करीब 36 गांव बाढ़ के पानी से प्रभावित होते हैं।

लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए ग्रामीणों में भी चिंता का माहौल है। ग्रामीण अपने घरों और पशुओं की सुरक्षा को लेकर परेशान हैं। वहीं निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है, बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है।

अधिकारियों और कर्मचारियों को स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं लेकिन ग्रामीणों का कहना है की जो भी अधिकारी जो आते हैं पानी को गांव के बाहर से ही देखकर चले जाते हैं ग्रामीणों के घरों तक नहीं पहुंचते.

आज मौके पर जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल व एडीएम और CDO संभल ब जिले के अन्य अधिकारी व राजस्व विभाग व स्वास्थ्य विभाग की अधिकारी भी मौके पर पहुंचे जिला अधिकारी ने बाढ़ पीड़ित गांव को हर संभव मदद के लिए सभी अधिकारियों को निर्देश दिए.

ग्रामीण रामचरण सिंह ने बताया कि बाढ़ के पानी से फसलें खराब हो गई हैं। गांव में पानी आने के बाद आने-जाने में भी काफी परेशानी हो रही है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द राहत और फसल नुकसान का आकलन कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की है। बताया की  प्रशासन की तरफ से जो भी अधिकारी आते हैं वह बांध से ही वापस लौट जाते हैं रास्ते में ज्यादा पानी भरा होने के कारण गांव तक नहीं पहुंच पाते.

ग्रामीण जयपाल सिंह का कहना है कि बाढ़ का पानी लगातार बढ़ रहा है। कुछ दिन पहले बाढ़ के पानी के कारण उनका घर भी गिर गया, जिसमें घर का सामान दबकर खराब हो गया। ग्रामीणों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

पशुओं के लिए चारा नहीं मिल पा रहा है और खेतों में बाढ़ का पानी भरने से फसलें भी बर्बाद हो रही हैं। गांव के चारों तरफ बाढ़ का पानी भरा हुआ है, जिससे ग्रामीणों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं.

जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने बताया कि जनपद संभल की गुन्नौर तहसील के बझांगी गांव में बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया गया है। यहां तीन मजरों में बाढ़ का पानी आने से ग्रामीण प्रभावित हुए हैं। हालांकि अभी पानी मजरों तक नहीं पहुंचा है, लेकिन संपर्क मार्ग प्रभावित हुए हैं।

किसानों की फसलें भी पूरी तरह से प्रभावित हुई हैं।स्थिति को देखते हुए लगभग सभी संबंधित विभागों के अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। ग्रामीणों के लिए पीने के पानी के टैंकर की व्यवस्था की गई है और साफ-सफाई के निर्देश दिए गए हैं।

इसके अलावा राशन वितरण भी प्रारंभिक तौर पर शुरू कराया जा रहा है. जिन किसानों की फसलें प्रभावित हुई हैं, उन्हें फसल बीमा योजना का लाभ दिलाने के लिए कैंप लगाए जा रहे हैं, ताकि किसानों को योजना की जानकारी मिल सके और उन्हें नियमानुसार लाभ मिल सके.

उन्होंने बताया कि यह क्षेत्र ग्राम पंचायत और माजरों के स्तर पर लंबे समय से जलस्तर बढ़ने से प्रभावित रहता है। ऐसे में स्थायी समाधान के लिए यहां स्थायी रिंग बांध बनवाने की योजना पर के में बात की जायगी. पिछले 12 घंटे से पानी का जलस्तर घटने लगा है। इसके बाद साफ-सफाई का कार्य कराया ,जायेगा नाव की व्यवस्था भी कर दी गई है.

हालांकि फिलहाल नाव की बहुत अधिक आवश्यकता नहीं है, बिजली की समस्या को लेकर भी पानी कम होने के बाद समाधान कराया जाएगा। भविष्य में यदि सोलर पैनल से संबंधित कोई योजना आती है, तो उसके तहत भी व्यवस्था कराने का प्रयास किया जाएगा।