यांत्रिक कारखाना गोरखपुर में रोलिंग स्टॉक रखरखाव पर आरडीएसओ की विशेष तकनीकी कार्यशाला आयोजित
कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य कारखाना प्रबंधक/यांत्रिक कारखाना श्री सुनील कुमार शर्मा ने किया। इस अवसर पर आरडीएसओ की विशेषज्ञ टीम ने रेल संरक्षा, कोचों के आधुनिक रखरखाव तथा नवीनतम तकनीकी मानकों पर विस्तार से जानकारी साझा की।
लखनऊ से शैलेन्द्र शर्मा की रिपोर्ट —
गोरखपुर/लखनऊ/ /जनमत न्यूज। महानिदेशक, अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (आरडीएसओ) के दिशा-निर्देश पर यांत्रिक कारखाना, गोरखपुर में 29 जनवरी 2026 को रोलिंग स्टॉक के रखरखाव से जुड़े महत्वपूर्ण तकनीकी विषयों पर एक दिवसीय विशेष तकनीकी कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य रोलिंग स्टॉक के रखरखाव में आधुनिक तकनीकों के समावेश के साथ रेल संरक्षा एवं सुरक्षा मानकों को और अधिक सुदृढ़ करना रहा।
कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य कारखाना प्रबंधक/यांत्रिक कारखाना श्री सुनील कुमार शर्मा ने किया। इस अवसर पर आरडीएसओ की विशेषज्ञ टीम ने रेल संरक्षा, कोचों के आधुनिक रखरखाव तथा नवीनतम तकनीकी मानकों पर विस्तार से जानकारी साझा की। यह कार्यशाला आरडीएसओ की नॉलेज-शेयरिंग पहल के अंतर्गत आयोजित की गई, जिसके तहत रोलिंग स्टॉक वर्टिकल से संबंधित तकनीकी कार्यशालाओं की एक श्रृंखला संचालित की जा रही है, ताकि समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों एवं तकनीकी एडवाइजरी को अधिकारियों एवं कर्मचारियों तक प्रभावी रूप से पहुंचाया जा सके।
सत्र के आरंभ में आरडीएसओ के निदेशक/वीजीडी श्री ओमकार नाथ सिंह ने बोगी रखरखाव, स्प्रिंग डैम्पर एवं कंट्रोल आर्म की तकनीकी बारीकियों पर प्रकाश डाला तथा सीबीसी कपलर की कार्यप्रणाली को विस्तार से समझाया। वहीं निदेशक (ब्रेक) श्री सुधीर सिंह ने वंदे भारत एवं एलएचबी ट्रेनों में प्रयुक्त अत्याधुनिक एयर ब्रेक सिस्टम और डब्ल्यूएसपी तकनीक पर विशेष व्याख्यान दिया।
इसके अतिरिक्त एडीई (मानक) श्री एपी सिंह ने सीटीआरबी तथा निदेशक (एसएस) श्री अनुराग मलिक ने एफएसडीएस एवं एफडीएसएस जैसे महत्वपूर्ण सुरक्षा उपकरणों की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। कार्यशाला के दौरान कोच रखरखाव में आने वाली व्यावहारिक समस्याओं एवं उनके त्वरित समाधान (ट्रबलशूटिंग) पर भी विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही रेल कर्मियों की कार्यक्षमता बढ़ाने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ‘क्या करें और क्या न करें’ से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।
कार्यक्रम के अंत में एक इंटरएक्टिव सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें अधिकारियों, पर्यवेक्षकों एवं कर्मचारियों द्वारा पूछे गए तकनीकी प्रश्नों का विशेषज्ञों ने मौके पर ही समाधान किया। इस कार्यशाला में यांत्रिक कारखाना गोरखपुर, इज्जतनगर तथा पूर्वोत्तर रेलवे के विभिन्न कोचिंग डिपो के अधिकारी, पर्यवेक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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