लखनऊ से शैलेन्द्र शर्मा की रिपोर्ट —
लखनऊ/जनमत न्यूज। केंद्रीय आयुर्वेदिक विज्ञान अनुसंधान परिषद के अंतर्गत क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान (सीसीआरएएस–आरएआरआई), लखनऊ एवं डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (डॉ. आरएमएलआईएमएस), लखनऊ के मध्य अनुसंधान एवं अकादमिक सहयोग को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
इस समझौते के तहत दोनों संस्थान अनुसंधान और प्रशिक्षण से संबंधित गतिविधियों के लिए एक-दूसरे की शैक्षणिक, बौद्धिक तथा आधारभूत संरचनात्मक सुविधाओं का साझा उपयोग करेंगे। सहयोग के माध्यम से संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं का संचालन, अकादमिक प्रशिक्षण कार्यक्रम तथा शोध पत्रों का प्रकाशन किया जाएगा। पेटेंट, उत्पाद विकास एवं अन्य बौद्धिक संपदा अधिकारों को संबंधित परियोजनाओं के लिए पृथक समझौतों के अनुसार साझा किया जाएगा।
यह एमओयू पाँच वर्षों की अवधि के लिए प्रभावी रहेगा। इसके अंतर्गत संचालित सभी अनुसंधान गतिविधियाँ उच्चतम जैव-चिकित्सीय नैतिक मानकों, संस्थागत नैतिक समिति की संस्तुतियों तथा लागू दिशानिर्देशों के अनुरूप संपन्न की जाएंगी।
समझौता ज्ञापन पर सीसीआरएएस–आरएआरआई की ओर से डॉ. संजय कुमार सिंह, सहायक निदेशक (प्रभारी) तथा डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान की ओर से प्रोफेसर (डॉ.) सी.एम. सिंह, निदेशक ने हस्ताक्षर किए।
अधिकारियों ने कहा कि यह समझौता आयुर्वेद एवं आधुनिक चिकित्सा के समन्वय को मजबूत करेगा और गुणवत्तापूर्ण, प्रमाणिक तथा नवाचार आधारित अनुसंधान को नई दिशा प्रदान करेगा।