राम मंदिर निर्माण समिति की बैठक अंतिम चरण में, 19 मार्च को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अयोध्या दौरे की संभावना
भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि हिंदी नव वर्ष के अवसर पर 19 मार्च को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अयोध्या आगमन की संभावना है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति कार्यालय से इस कार्यक्रम के लिए सहमति मिल चुकी है
अयोध्या से आजम खान की रिपोर्ट —
अयोध्या / जनमत न्यूज। अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण से जुड़ी भवन निर्माण समिति की तीन दिवसीय बैठक अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है। बैठक के तीसरे दिन मंदिर निर्माण से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई। इनमें विशेष रूप से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के प्रस्तावित अयोध्या दौरे और राम मंदिर निर्माण की ऐतिहासिक यात्रा को प्रदर्शित करने के लिए एक विशेष गैलरी के निर्माण पर विचार-विमर्श शामिल रहा।
बैठक के बाद मीडिया को जानकारी देते हुए भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि हिंदी नव वर्ष के अवसर पर 19 मार्च को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अयोध्या आगमन की संभावना है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति कार्यालय से इस कार्यक्रम के लिए सहमति मिल चुकी है और प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार राष्ट्रपति लगभग साढ़े तीन घंटे तक राम जन्मभूमि परिसर में रहेंगी। इस दौरान वे मंदिर निर्माण में योगदान देने वाले श्रमिकों, इंजीनियरों और कर्मचारियों को सम्मानित भी करेंगी।
नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि राम मंदिर निर्माण का कार्य लगभग पांच वर्षों की अवधि में पूरा होने की दिशा में है। मंदिर निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली प्रमुख संस्थाओं एलएंडटी और टीसीएस को 15 मई तक औपचारिक रूप से उनके कार्यों से अवमुक्त कर दिया जाएगा। इन संस्थाओं ने मंदिर निर्माण की तकनीकी और प्रबंधन संबंधी जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक निभाया है।
बैठक के दौरान राम मंदिर परिसर में बनने वाली एक विशेष गैलरी के निर्माण को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई। इस गैलरी में राम मंदिर निर्माण की पूरी यात्रा, इससे जुड़े महत्वपूर्ण चरण, तकनीकी प्रक्रिया और ऐतिहासिक घटनाओं को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा। इसका उद्देश्य देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को राम मंदिर निर्माण की पूरी कहानी से परिचित कराना है।
सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए मंदिर परिसर के चारों ओर लगभग चार किलोमीटर लंबी अत्याधुनिक बाउंड्री वॉल का निर्माण भी कराया जा रहा है। इस कार्य को इंजीनियर्स इंडिया द्वारा आधुनिक तकनीक के साथ पूरा किया जा रहा है, जिससे मंदिर परिसर की सुरक्षा और अधिक सुदृढ़ हो सके।
राम मंदिर निर्माण से जुड़ी यह बैठक परियोजना की प्रगति, सुरक्षा व्यवस्था और भविष्य की योजनाओं के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसके साथ ही मंदिर परिसर को और अधिक व्यवस्थित, सुरक्षित और आकर्षक बनाने के लिए कई अन्य योजनाओं पर भी विचार किया जा रहा है।

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