संभल से रामब्रेस यादव की रिपोर्ट —
संभल/जनमत न्यूज। पश्चिम बंगाल समेत पांच राज्यों के चुनाव परिणामों के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने चुनावी प्रक्रिया, केंद्रीय एजेंसियों और बीजेपी की रणनीति पर गंभीर सवाल उठाते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यह केवल हार-जीत का मामला नहीं, बल्कि लोकतंत्र और मताधिकार से जुड़ा मुद्दा है।
बर्क ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया के जरिए विपक्ष के वोटों को टारगेट कर हटाया गया। उनका दावा है कि करीब 27 लाख मतदाता अब भी अपने वोट के अधिकार के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जिनमें अधिकांश ममता बनर्जी की पार्टी के समर्थक बताए जा रहे हैं।
उन्होंने केंद्रीय बलों की भूमिका पर भी सवाल खड़े करते हुए कहा कि आमतौर पर केंद्रीय फोर्स से निष्पक्षता की उम्मीद रहती है, लेकिन इस बार कुछ मामलों में झुकाव दिखाई दिया, जो चिंताजनक है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि सभी पर आरोप नहीं लगाया जा सकता।
सपा सांसद ने कहा कि ममता बनर्जी को हराने के लिए रणनीतिक तरीके अपनाए गए, लेकिन ऐसी राजनीति ज्यादा समय तक नहीं चल सकती। उन्होंने जनता से निराश न होने और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने की अपील की।
उत्तर प्रदेश की राजनीति पर बोलते हुए बर्क ने कहा कि बंगाल के नतीजों का यूपी पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की जनता जागरूक है और आने वाले समय में बदलाव की लहर देखने को मिलेगी। उन्होंने भरोसा जताया कि समाजवादी पार्टी सभी वर्गों को साथ लेकर बेहतर प्रदर्शन करेगी।
विपक्षी नेताओं पर पलटवार करते हुए उन्होंने सुवेंदु अधिकारी के बयान पर तंज कसते हुए कहा कि केवल बयानबाजी से कुछ नहीं होता, पहले उन्हें अपनी स्थिति मजबूत करनी चाहिए।
धर्म के मुद्दे पर भी बर्क ने बीजेपी को घेरते हुए कहा कि धर्म के नाम पर राजनीति करना सही नहीं है। उनका आरोप है कि भाजपा “डिवाइड एंड रूल” की नीति पर काम करती है और समाज को बांटने की कोशिश करती है।
चुनावी आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि 27 लाख वोट किसी भी चुनाव की दिशा बदल सकते हैं और इतने बड़े स्तर पर मतदाताओं के प्रभावित होने से 100 से अधिक सीटों पर असर पड़ सकता है।