हाथरस के सरस्वती विद्या मंदिर में इंटर कॉलेज बच्चों से कराई गई मजदूरी, ढुलवाई ईंटें; वीडियो वायरल
उप्र के हाथरस शहर की लेबर कॉलोनी स्थित सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज से सामने आई एक तस्वीर ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
हाथरस से होमेश मिश्रा की रिपोर्ट
हाथरस/जनमत न्यूज़। उप्र के हाथरस शहर की लेबर कॉलोनी स्थित सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज से सामने आई एक तस्वीर ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि विद्यालय परिसर में छोटे-छोटे बच्चों से ईंटों की ढुलाई कराई जा रही है।
जिन बच्चों के हाथों में किताबें और कॉपियां होनी चाहिए, उनके हाथों में ईंटें दिखाई दे रही हैं। बताया जा रहा है कि परिसर में चल रहे निर्माण कार्य के दौरान मजदूरों की जगह बच्चों से काम कराया गया। बच्चों के काम करते के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए है।
यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मामला केवल नैतिकता का नहीं बल्कि कानून के पालन का भी है। भारत में बाल श्रम से जुड़े कानून बच्चों को खतरनाक और श्रम वाले कार्यों में लगाने पर रोक लगाते हैं।
विशेष रूप से निर्माण कार्य, ईंटों की ढुलाई जैसे शारीरिक श्रम वाले काम बच्चों के लिए सुरक्षित नहीं माने जाते। ऐसे मामलों में संबंधित विभाग जांच कर कार्रवाई कर सकता है।
यह भी ध्यान देने वाली बात है कि किसी भी विद्यालय का पहला दायित्व बच्चों को सुरक्षित और सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण देना होता है। ऐसे में यदि स्कूल परिसर में बच्चों से निर्माण कार्य कराया गया है, तो यह गंभीर चिंता का विषय बन सकता है।
इस मामले में विद्यालय प्रशासन का पक्ष सामने नहीं आया है कि बच्चों से ईंटें किस परिस्थिति में उठवाई गईं, और क्या निर्माण कार्य कराया गया। बिना जांच के किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या शिक्षा के मंदिर में बच्चों से मजदूरों जैसा काम कराया जाना स्वीकार्य है?
क्या संबंधित विभाग इस मामले की जांच करेगा?
यदि नियमों का उल्लंघन हुआ है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी? फिलहाल, इन सवालों के जवाब का इंतजार है।


