उरई के जिलाधिकारी ने प्राथमिक विद्यालय बघौरा का किया औचक निरीक्षण, बच्चों से संवाद कर स्वयं बने शिक्षक

उप्र के उरई के जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने उरई नगर स्थित परिषदीय प्राथमिक विद्यालय बघौरा का औचक निरीक्षण कर विद्यालय में संचालित शैक्षणिक गतिविधियों, छात्र-छात्राओं की उपस्थिति एवं शिक्षण व्यवस्था का जायजा लिया।

उरई के जिलाधिकारी ने प्राथमिक विद्यालय बघौरा का किया औचक निरीक्षण, बच्चों से संवाद कर स्वयं बने शिक्षक
Published By- Diwaker Mishra

उरई से सुनील शर्मा की रिपोर्ट  

उरई/जनमत न्यूज़। उप्र के उरई के जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने उरई नगर स्थित परिषदीय प्राथमिक विद्यालय बघौरा का औचक निरीक्षण कर विद्यालय में संचालित शैक्षणिक गतिविधियों, छात्र-छात्राओं की उपस्थिति एवं शिक्षण व्यवस्था का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सबसे पहले विद्यालय के उपस्थिति रजिस्टर का अवलोकन किया। रजिस्टर की जांच में पाया गया कि विद्यालय के प्रधानाचार्य अवकाश पर थे।

जिलाधिकारी ने विद्यालय में उपस्थित शिक्षकों से विद्यालय की व्यवस्थाओं तथा बच्चों की पढ़ाई के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि विद्यालय में पठन-पाठन का कार्य नियमित रूप से संचालित हो तथा बच्चों की शिक्षा में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।

इसके बाद जिलाधिकारी ने कक्षा में पहुंचकर छात्र-छात्राओं से सीधे संवाद किया। उन्होंने बच्चों से उनकी पढ़ाई, विषयों तथा विद्यालय में होने वाली विभिन्न गतिविधियों के बारे में सवाल पूछे। बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक जिलाधिकारी के प्रश्नों का उत्तर दिया। इस दौरान जिलाधिकारी ने बच्चों से कविता सुनाने को कहा।

बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ कविता सुनाई। बच्चों की प्रस्तुति से प्रभावित होकर जिलाधिकारी स्वयं भी बच्चों के साथ कविता गाने लगे। जिलाधिकारी को अपने बीच सहजता से कविता गाते देखकर बच्चों के चेहरे पर खुशी और उत्साह साफ दिखाई दिया।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने शिक्षक की भूमिका भी निभाई। उन्होंने स्वयं बच्चों को पढ़ाया और सरल एवं सहज तरीके से विषय को समझाने का प्रयास किया। उन्होंने बच्चों से सवाल पूछकर उनकी समझ का आकलन किया तथा उन्हें मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया।

जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों की शिक्षा और उनके सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जाना आवश्यक है। विद्यालयों में ऐसा वातावरण होना चाहिए, जहां बच्चे बिना किसी संकोच के अपनी बात कह सकें और सीखने के प्रति उनमें उत्सुकता बनी रहे। निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह मौजूद रहे।