नई दिल्ली/जनमत न्यूज़:- भोपाल में मॉडल और एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन जजों की बेंच ने मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की बात कही। कोर्ट ने इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया और मीडिया से भी संयम बरतने की अपील की।
सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच ने कहा कि मामले को लेकर मीडिया में चल रहे बयानों और आरोप-प्रत्यारोप से बचना चाहिए। कोर्ट ने दोनों पक्षों से कहा कि वे मीडिया को बयान देने से परहेज करें, ताकि जांच प्रभावित न हो।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ट्विशा शर्मा की मौत की निष्पक्ष और बिना किसी दबाव के जांच होनी चाहिए। मध्य प्रदेश सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि मामले की जांच अब सीबीआई को सौंपी जाएगी।
सुनवाई के दौरान सीजेआई ने खास तौर पर इस बात पर चिंता जताई कि मृतका की सास, जो पूर्व जिला जज रही हैं, उन्हें लेकर यह धारणा बनाई जा रही है कि न्यायपालिका जांच या ट्रायल को प्रभावित कर रही है। उन्होंने कहा कि इस तरह का नैरेटिव बनाना दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे न्याय व्यवस्था पर सवाल खड़े होते हैं।
सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि किसी भी पक्ष के रिश्तेदारों या दोस्तों के मीडिया में दिए जा रहे बयानों के आधार पर निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच एजेंसियां और सीबीआई निष्पक्ष तरीके से काम करेंगी और अदालत यह सुनिश्चित करेगी कि मामले में किसी तरह का भेदभाव न हो।
गौरतलब है कि नोएडा निवासी ट्विशा शर्मा 12 मई की रात भोपाल के कटारा हिल्स इलाके स्थित अपने ससुराल में फंदे से लटकी हुई मिली थीं। ससुराल पक्ष ने इसे आत्महत्या बताया है, जबकि मायके पक्ष ने पति और ससुराल वालों पर हत्या का आरोप लगाया है।
इस मामले में भोपाल पुलिस ने ट्विशा के पति समर्थ सिंह और उनकी मां, पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज किया है। कोर्ट ने समर्थ सिंह को सात दिन की पुलिस हिरासत में भेजा है, जबकि गिरिबाला सिंह का कहना है कि पुलिस ने अब तक उनका बयान दर्ज नहीं किया है।