UP ATS की बड़ी कार्रवाई: बलरामपुर से ISI का स्लीपर सेल गिरफ्तार, राजस्थान से हथियार लाने की थी साजिश

उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ता (UP ATS) ने एक बड़ी आतंकी साजिश को समय रहते नाकाम करते हुए उप्र के बलरामपुर जनपद से एक संदिग्ध युवक को गिरफ्तार किया है।

UP ATS की बड़ी कार्रवाई: बलरामपुर से ISI का स्लीपर सेल गिरफ्तार, राजस्थान से हथियार लाने की थी साजिश
Published By- Diwaker Mishra

बलरामपुर से गुलाम नबी कुरैशी की रिपोर्ट

​लखनऊ/बलरामपुर/जनमत न्यूज़। उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ता (UP ATS) ने एक बड़ी आतंकी साजिश को समय रहते नाकाम करते हुए उप्र के बलरामपुर जनपद से एक संदिग्ध युवक को गिरफ्तार किया है।

यह युवक पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) के इशारे पर भारत-विरोधी गतिविधियों में संलिप्त था और एक बड़े आतंकी हमले की फिराक में था।

​पाकिस्तानी गैंगस्टरों का नापाक नेटवर्क

B/o- यूपी एटीएस को इनपुट मिला था कि पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और आबिद जट्ट के आतंकी नेटवर्क द्वारा भारतीय युवाओं को पैसों का प्रलोभन देकर बरगलाया जा रहा है। इसी सूचना को विकसित करते हुए 19 जुलाई 2026 को बलरामपुर के गैसड़ी थाना क्षेत्र के ग्राम जमधरा से 29 वर्षीय शहरोज अहमद को गिरफ्तार किया गया।

​फेसबुक पोस्ट से हुई थी शुरुआत

पूछताछ में एक अहम खुलासा हुआ है। पाकिस्तानी एजेंट जसवीर चौधरी ने अक्टूबर 2025 में फेसबुक पर 'जिगर वाले शूटरों' की मांग करते हुए एक पोस्ट डाली थी। शहरोज ने इस पर कमेंट करते हुए खुद को सबसे 'जिगरवाला' बताया था।

इसके बाद से ही वे जांच एजेंसियों की नजरों से बचने के लिए व्हाट्सएप, मैसेंजर और सिग्नल जैसे एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए लगातार संपर्क में थे। एजेंट उसे अन्य युवाओं को भी नेटवर्क में जोड़ने के लिए उकसा रहा था।

​श्रीगंगानगर से हथियार लाने का मिला था टास्क

आरोपी शहरोज मूल रूप से मुंबई में रहता था, लेकिन एजेंट जसवीर के निर्देश पर ही वह दो दिन पहले अपने गांव लौटा था। उसे राजस्थान के श्रीगंगानगर जाकर हथियार और विस्फोटक सामग्री लाने का टास्क सौंपा गया था। इस आतंकी योजना को आगे बढ़ाने के लिए एजेंट द्वारा शहरोज के बैंक खाते में 5000 रुपये की धनराशि भी भेजी गई थी।

​लखनऊ में रिमांड पर खुलेगा पूरा राज

एटीएस ने आरोपी के पास से बरामद इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से डिजिटल साक्ष्य प्राप्त कर लिए हैं। यूपी एटीएस के लखनऊ थाने में अभियुक्त के खिलाफ बीएनएस (BNS) की धारा 148, 152 और 61(2) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

टीम अब अभियुक्त को न्यायालय में प्रस्तुत कर रिमांड पर लेगी, जिसके बाद पूछताछ में आईएसआई के इस पूरे स्लीपर सेल के कई अन्य खतरनाक भेद खुलने की संभावना है।