बलरामपुर में छांगुर प्रकरण के बाद फिर बड़ा मामला, सरकारी जमीन पर निर्माण कर मदरसा चलाने का आरोप

उप्र के बलरामपुर जनपद में छांगुर प्रकरण के बाद फिर सरकारी जमीन से जुड़ा एक और मामला सामने आया है।

बलरामपुर में छांगुर प्रकरण के बाद फिर बड़ा मामला, सरकारी जमीन पर निर्माण कर मदरसा चलाने का आरोप
Published By- Diwaker Mishra

बलरामपुर से गुलाम नबी कुरैशी की रिपोर्ट

बलरामपुर/जनमत न्यूज़। उप्र के बलरामपुर जनपद में छांगुर प्रकरण के बाद फिर सरकारी जमीन से जुड़ा एक और मामला सामने आया है। ग्राम सभा अड़ार पाकड़ में राजस्व अभिलेखों में बंजर और पानी की श्रेणी में दर्ज जमीन पर कथित रूप से भवन निर्माण कर मदरसा/उर्दू कोचिंग सेंटर संचालित किए जाने की शिकायत जिलाधिकारी से की गई है।

शिकायतकर्ताओं ने जमीन का सीमांकन और स्थलीय जांच कराकर अवैध निर्माण मिलने पर उसे हटाने की मांग की है। शिकायत के बाद प्रशासनिक स्तर पर मामले की जांच-पड़ताल शुरू होने की बात सामने आई है।

मामला ग्राम सभा अड़ार पाकड़, तहसील बलरामपुर के गाटा संख्या 1241क, 1241ख और 1242 से जुड़ा है। शिकायतकर्ताओं के मुताबिक राजस्व अभिलेखों में गाटा संख्या 1241क और 1241ख की भूमि बंजर, जबकि गाटा संख्या 1242 की भूमि पानी श्रेणी में दर्ज है। आरोप है कि इन जमीनों पर भवन का निर्माण कर उसमें मदरसा/उर्दू कोचिंग सेंटर संचालित किया जा रहा था।

इस संबंध में 15 जुलाई 2026 को महेश कुमार पाण्डेय, जगदम्बाप्रसाद, राकेश तिवारी, पालकराम और शुक्ल ओण्डलाश मिश्रा ने जिलाधिकारी को लिखित शिकायत दी।

शिकायत में मांग की गई कि राजस्व अभिलेखों के आधार पर भूमि की वास्तविक स्थिति की जांच कराई जाए। साथ ही भवन निर्माण की अनुमति, भूमि उपयोग और कथित मदरसा/उर्दू कोचिंग सेंटर के संचालन से संबंधित दस्तावेजों की भी पड़ताल की जाए।

पानी की जमीन पर निर्माण का भी आरोप

शिकायतकर्ताओं ने विशेष रूप से गाटा संख्या 1242 को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि यह भूमि राजस्व अभिलेखों में पानी की श्रेणी में दर्ज है। ऐसे में यदि मौके पर जल क्षेत्र अथवा सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर निर्माण पाया जाता है तो उसे गंभीरता से लेते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

शिकायत में गाटा संख्या 1241क, 1241ख और 1242 का संयुक्त स्थलीय निरीक्षण और सीमांकन कराने की मांग की गई है। साथ ही अवैध निर्माण या अतिक्रमण की पुष्टि होने पर उसे हटाकर भूमि को मूल स्वरूप में बहाल करने की मांग की गई है।

शिकायत के बाद बंद हुआ मदरसा

स्थानीय लोगों के मुताबिक शिकायत के बाद कथित मदरसा बंद कर दिया गया है।  शिकायतकर्ताओं ने कथित संचालक छेददन के खिलाफ भी जांच और दोष साबित होने पर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

पूरे प्रकरण को लेकर बलरामपुर सदर तहसीलदार क्या कहना है कि मामले पर जांच शुरू कर दी गई है जल्द ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

अब पूरे मामले में राजस्व अभिलेख, मौके की स्थिति, सीमांकन और निर्माण से जुड़े दस्तावेज जांच का मुख्य आधार होंगे। जांच में यदि सरकारी अथवा जल क्षेत्र की भूमि पर अवैध निर्माण की पुष्टि होती है तो प्रशासन की कार्रवाई पर सबकी नजर रहेगी।