अयोध्या: हॉस्पिटल की लापरवाही से प्रसव के दौरान मां और नवजात की मौत, परिजनों ने जमकर किया हंगामा

उप्र की रामनगरी अयोध्या से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने एक बार फिर निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

अयोध्या: हॉस्पिटल की लापरवाही से प्रसव के दौरान मां और नवजात की मौत, परिजनों ने जमकर किया हंगामा
Published By- Diwaker Mishra

अयोध्या से आज़म खान की रिपोर्ट

अयोध्या/जनमत न्यूज़। उप्र की रामनगरी अयोध्या से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने एक बार फिर निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

कोतवाली नगर क्षेत्र के बल्ला हाता स्थित मां परमेश्वरी देवी मेमोरियल हॉस्पिटल में कथित लापरवाही के चलते एक प्रसूता और उसके नवजात की मौत हो गई। 

डॉक्टर व स्टॉफ पर मृतका के परिजनों का आरोप है कि बेनीगंज निवासी सुरेश यादव अपनी पत्नी सोनी यादव को सुरक्षित प्रसव की उम्मीद लेकर अस्पताल पहुंचे थे। लेकिन वहां हालात बिल्कुल उलट मिले।

बताया जा रहा है कि अस्पताल की डॉक्टर अंजली श्रीवास्तव उस वक्त मौके पर मौजूद नहीं थीं। आरोप है कि उन्होंने फोन पर ही स्टाफ को निर्देश देकर प्रसव कराने को कहा, जबकि गंभीर स्थिति में विशेषज्ञ की मौजूदगी बेहद जरूरी थी।

तड़पती रही जच्चा, दम तोड़ता रहा नवजात

परिजनों के मुताबिक, प्रसव के दौरान न तो पर्याप्त मेडिकल सुविधा दी गई और न ही समय पर सही इलाज मिल पाया। हालात बिगड़ते गए और देखते ही देखते जच्चा और नवजात दोनों ने दम तोड़ दिया।

यह खबर फैलते ही अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वही परिजनों का गुस्से में फूटा आक्रोश, अस्पताल घेरकर किया प्रदर्शन। घटना के बाद गुस्साए परिजन और स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए।

अस्पताल के बाहर जमकर हंगामा हुआ। लोगों ने डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई और अस्पताल को तत्काल सीज करने की मांग की। माहौल इतना तनावपूर्ण हो गया कि पुलिस को मौके पर पहुंचकर हालात संभालने पड़े।

सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और किसी तरह स्थिति को नियंत्रण में लिया। रिकाबगंज पुलिस चौकी पर भारी भीड़ जुटी रही। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

वही पीड़ित दिनेश यादव ने बताया कि "हम लोग अपनी बहू को जिंदा लेकर आए थे, लेकिन अस्पताल की लापरवाही ने हमसे सब कुछ छीन लिया। अगर डॉक्टर समय पर मौजूद होतीं, तो शायद आज दोनों जिंदा होते। हमें इंसाफ चाहिए।"