मुजफ्फरनगर में UGC नियमों के समर्थन में उतरे आजाद समाज पार्टी और भीम आर्मी समर्थक, एक दिवसीय धरना

उप्र के मुजफ्फरनगर जनपद में आजाद समाज पार्टी एवं भीम आर्मी से जुड़े समर्थकों ने UGC के नियमों के समर्थन में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया।

मुजफ्फरनगर में UGC नियमों के समर्थन में उतरे आजाद समाज पार्टी और भीम आर्मी समर्थक, एक दिवसीय धरना
Published By- Diwaker Mishra

मुजफ्फरनगर से संजय कुमार की रिपोर्ट

मुजफ्फरनगर/जनमत न्यूज़। उप्र के मुजफ्फरनगर जनपद में आजाद समाज पार्टी एवं भीम आर्मी से जुड़े समर्थकों ने UGC के नियमों के समर्थन में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने उच्च शिक्षा में समान अवसर, आरक्षण और वंचित वर्गों के अधिकारों को सुनिश्चित करने की मांग को प्रमुखता से उठाया।

धरने के दौरान वक्ताओं ने कहा कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य वंचित वर्गों के विद्यार्थियों को समान अवसर उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि शिक्षा सामाजिक बदलाव और बराबरी का महत्वपूर्ण माध्यम है, इसलिए ऐसे नियम होने चाहिए जिनसे कमजोर और वंचित वर्गों के विद्यार्थियों के अधिकारों की प्रभावी सुरक्षा हो सके।

UGC के उपलब्ध नियमों में उच्च शिक्षण संस्थानों में जातिगत भेदभाव और उत्पीड़न को रोकने तथा SC/ST विद्यार्थियों के लिए संवैधानिक सुरक्षा उपायों के पालन पर जोर दिया गया है। UGC के पुराने आरक्षण संबंधी दिशानिर्देशों में SC/ST विद्यार्थियों के प्रवेश और शिक्षण एवं गैर-शिक्षण पदों में आरक्षण नीति लागू करने का भी उल्लेख है।

धरने में शामिल लोगों ने कहा कि UGC से जुड़े प्रावधान दलित और अन्य वंचित विद्यार्थियों के लिए इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि उच्च शिक्षा में उनके अधिकारों, अवसरों और भेदभाव से सुरक्षा को संस्थागत रूप से सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।

प्रदर्शनकारियों ने मांग उठाई कि विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में आरक्षण व्यवस्था तथा भेदभाव-विरोधी प्रावधानों का प्रभावी ढंग से पालन कराया जाए। गौरतलब है कि UGC की 2026 की नई Promotion of Equity in Higher Educational Institutions Regulations भी आधिकारिक UGC सूची में दर्ज हैं।

इन नियमों को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में बहस और विरोध-प्रदर्शन भी सामने आए हैं। हालिया रिपोर्टों के अनुसार 2026 के नियमों पर सुप्रीम कोर्ट में मामला पहुंचा और नियम फिलहाल न्यायिक प्रक्रिया के बीच हैं।

धरना-प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि दलित समाज और अन्य वंचित तबकों के विद्यार्थियों को शिक्षा के क्षेत्र में बराबरी का अधिकार मिलना सामाजिक न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने केंद्र सरकार और UGC से संबंधित विषयों पर स्पष्टता और प्रभावी संरक्षण सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनका एक दिवसीय धरना शिक्षा में समानता, आरक्षण और संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा को लेकर अपनी बात रखने का माध्यम है। धरने के दौरान बड़ी संख्या में समर्थकों की मौजूदगी रही और विभिन्न वक्ताओं ने अपने विचार रखे।