कानपुर देहात: फर्जी बीज मामले में प्रशासन व कृषि विभाग को राहत, आरोपी की अपील कोर्ट में खारिज

उप्र के ​कानपुर देहात के जिला प्रशासन और कृषि विभाग को अदालत से बड़ी राहत मिली है। अपर जिला जज चतुर्थ की कोर्ट ने सफल बीज भंडार द्वारा दायर वाद को खारिज कर दिया है।

कानपुर देहात: फर्जी बीज मामले में प्रशासन व कृषि विभाग को राहत, आरोपी की अपील कोर्ट में खारिज
Published By- Diwaker Mishra

कानपुर देहात से अखिलेश त्रिवेदी की रिपोर्ट

कानपुर देहात/जनमत न्यूज़। उप्र के कानपुर देहात के जिला प्रशासन और कृषि विभाग को अदालत से बड़ी राहत मिली है। अपर जिला जज चतुर्थ की कोर्ट ने सफल बीज भंडार द्वारा दायर वाद को खारिज कर दिया है।

पूरा मामला अकबरपुर कस्बे का है, जहाँ नितिन कुमार नाम के शिकायतकर्ता ने 10 जून 2025 को मुख्य विकास अधिकारी से 'सफल बीज भंडार' द्वारा नकली और एक्सपायरी बीज की री-पैकिंग कर बेचने की शिकायत की थी। जांच के बाद टीम ने भारी मात्रा में फर्जी बीज और रैपर बरामद कर दुकान को सीज कर दिया था।

बाद में जिला मजिस्ट्रेट कोर्ट ने 12 सितंबर 2025 को सीज माल की नीलामी का आदेश दिया था, जिसके खिलाफ बीज विक्रेता ने अपर जिला जज चतुर्थ की कोर्ट में अपील की थी। आज अदालत ने बीज विक्रेता की इस याचिका को खारिज करते हुए प्रशासन के पक्ष में फैसला सुनाया है।

बता दें कि कानपुर देहात के अकबरपुर कस्बे में स्थित सफल बीज भंडार पर फर्जीवाड़े का आरोप लगा था। जून 2025 में शिकायत मिलने पर मुख्य विकास अधिकारी के निर्देश पर बनी टीम ने छापेमारी की थी।

इस दौरान मौके से भारी मात्रा में नकली और एक्सपायरी बीज के साथ-साथ पैकिंग के रैपर बरामद हुए थे, जिसके बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दुकान को सीज कर दिया था।

मामले की सुनवाई करते हुए जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय ने सितंबर 2025 में सीज किए गए माल की नीलामी के आदेश दिए थे। हालांकि, बीज भंडार के मालिक ने इस फैसले के खिलाफ जिला एवं सत्र न्यायालय कानपुर देहात में याचिका दाखिल की थी लेकिन अपर जिला जज चतुर्थ की अदालत ने सुनवाई के बाद बीज विक्रेता की अपील खारिज कर दी।

कोर्ट के इस फैसले से जहां आरोपी बीज विक्रेता को बड़ा झटका लगा है, वहीं कृषि विभाग और जिला प्रशासन को बड़ी राहत मिली है। मामले में जिला कृषि अधिकारी प्राची पांडे ने कहा कि इस कार्रवाई से किसानों के साथ धोखाधड़ी करने वाले लोगों में डर कायम होगा। साथ ही उन्होंने सभी बीज विक्रेताओं से किसानों के साथ किसी भी प्रकार का छल न करने की अपील की है।