मान्यता विवाद में घिरा किड्स कॉर्नर स्कूल, अभिभावकों का हंगामा

रेलवे स्कूल प्रशासन ने अभिभावकों को आश्वासन दिया है कि प्रवेश को लेकर समाधान निकाला जाएगा, हालांकि आईडी से जुड़ी समस्या के समाधान के लिए कुछ समय मांगा गया है।

मान्यता विवाद में घिरा किड्स कॉर्नर स्कूल, अभिभावकों का हंगामा
PUBLISHED BY MANOJ KUMAR

चंदौली से उमेश सिंह की रिपोर्ट —

चन्दौली / जनमत न्यूज। पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर (मुगलसराय) स्थित किड्स कॉर्नर स्कूल एक बार फिर विवादों में आ गया है। स्कूल की मान्यता न होने की बात सामने आने के बाद अभिभावकों ने स्कूल परिसर के बाहर जमकर हंगामा किया और बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता जताई।

जानकारी के अनुसार मामला तब सामने आया जब स्कूल के बाहर “मान्यता प्राप्त नहीं है” लिखा गया। इसके बाद कई अभिभावक अपने बच्चों का दाखिला अन्य स्कूलों में कराने पहुंचे, विशेषकर रेलवे स्कूल में, लेकिन वहां भी उन्हें प्रवेश प्रक्रिया में कई समस्याओं का सामना करना पड़ा।

अभिभावक प्रीति त्रिपाठी ने बताया कि वह अपने जेठ के बेटे का दाखिला रेलवे स्कूल में कराने गई थीं, लेकिन स्कूल प्रिंसिपल ने फॉर्म लेने से इनकार कर दिया और बच्चे का PEN (परमानेंट एजुकेशन नंबर) तथा APAAR आईडी मांगी। उनका आरोप है कि किड्स कॉर्नर स्कूल की मान्यता न होने के कारण बच्चों का PEN नंबर और APAAR आईडी नहीं बन पा रही है।

प्रीति त्रिपाठी के अनुसार इन जरूरी दस्तावेजों के अभाव में बच्चों का भविष्य अधर में लटक गया है। उन्होंने कहा कि बिना PEN नंबर और APAAR आईडी के बच्चों को आगे की कक्षाओं में प्रवेश मिलने में दिक्कत हो सकती है।

इसी तरह अभिभावक नरगिस सुल्ताना ने भी अपनी समस्या साझा की। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी ने किड्स कॉर्नर स्कूल से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की है, लेकिन आवश्यक दस्तावेजों के अभाव में अब उसे रेलवे स्कूल में दाखिला नहीं मिल पा रहा है। उनका कहना है कि पूर्व स्कूल द्वारा आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध न कराए जाने से प्रवेश प्रक्रिया बाधित हो रही है।

अभिभावकों का कहना है कि PEN नंबर और APAAR आईडी बच्चों की शैक्षिक पहचान के लिए बेहद जरूरी हैं। इनके बिना आगे की पढ़ाई, परीक्षा पंजीकरण और स्कूल बदलने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की है कि बच्चों का जल्द से जल्द रेलवे स्कूल में दाखिला कराया जाए, सभी छात्रों के लिए PEN नंबर और APAAR आईडी जारी की जाए, किड्स कॉर्नर स्कूल की मान्यता की स्थिति स्पष्ट की जाए और दोषी स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

इस मामले में रेलवे स्कूल प्रशासन ने अभिभावकों को आश्वासन दिया है कि प्रवेश को लेकर समाधान निकाला जाएगा, हालांकि आईडी से जुड़ी समस्या के समाधान के लिए कुछ समय मांगा गया है।

वहीं किड्स कॉर्नर स्कूल प्रशासन का पक्ष अभी तक सामने नहीं आया है। मीडिया द्वारा संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन स्कूल प्रधानाचार्य ने बातचीत से दूरी बनाए रखी और मीडिया से बात करने से बचती रहीं।

यह मामला निजी स्कूलों की मान्यता, छात्र डेटा प्रबंधन और सरकारी व्यवस्था के बीच समन्वय की कमी को उजागर करता है, जिसका सीधा असर बच्चों के भविष्य पर पड़ रहा है।