मणिकर्णिका घाट पर आधी रात नगर वधुओं का भक्ति नृत्य, जलती चिताओं के बीच गूंजे भजन

महाश्मशान मणिकर्णिका घाट पर जलती चिताओं के बीच नगर वधुओं ने भक्ति भाव से नृत्य और भजन-कीर्तन कर बाबा मसाननाथ की आराधना की। एक ओर चिताएं जल रही थीं तो दूसरी ओर बाबा के दरबार में भक्ति, आस्था और नृत्य का अद्भुत संगम दिखाई दिया।

मणिकर्णिका घाट पर आधी रात नगर वधुओं का भक्ति नृत्य, जलती चिताओं के बीच गूंजे भजन
PUBLISHED BY MANOJ KUMAR

वाराणसी से उमेश सिंह की रिपोर्ट —

वाराणसी/जनमत न्यूज। धर्मनगरी Varanasi में स्थित पवित्र Manikarnika Ghat पर बुधवार की आधी रात एक अनोखा और भावुक दृश्य देखने को मिला। महाश्मशान मणिकर्णिका घाट पर जलती चिताओं के बीच नगर वधुओं ने भक्ति भाव से नृत्य और भजन-कीर्तन कर बाबा मसाननाथ की आराधना की। एक ओर चिताएं जल रही थीं तो दूसरी ओर बाबा के दरबार में भक्ति, आस्था और नृत्य का अद्भुत संगम दिखाई दिया।

नगर वधुओं ने पूरे श्रद्धा भाव के साथ बाबा मसाननाथ को प्रसन्न करने के लिए “दुर्गा दुर्गति नाशिनी” और “डिमिग-डिमिग डमरू कर बाजे” जैसे भजनों की प्रस्तुति दी। भजन और नृत्य के माध्यम से उन्होंने बाबा से प्रार्थना की कि अगले जन्म में उन्हें इस जीवन से मुक्ति मिले और उन्हें नगर वधु का जीवन न जीना पड़े।

यह विशेष आयोजन Chaitra Navratri की सप्तमी तिथि के अवसर पर किया गया। इस मौके पर बाबा मसाननाथ का दरबार भव्य रूप से सजाया गया। गुलाब, गेंदा, बेला, रजनीगंधा और चमेली के फूलों से बाबा का आकर्षक श्रृंगार किया गया और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई।

आयोजन के दौरान भोग अर्पित किया गया और श्रद्धालुओं ने आरती में भाग लेकर बाबा से सुख-समृद्धि और मोक्ष की कामना की। महाश्मशान में आयोजित यह अनोखा धार्मिक आयोजन आस्था, परंपरा और मानव जीवन की गहरी संवेदनाओं का प्रतीक बन गया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।