पीलीभीत: विधायक विवेक वर्मा ने बच्चों के साथ किया भोजन, परिषदीय विद्यालयों की व्यवस्थाओं का लिया जायजा

उप्र के पीलीभीत जनपद के बिलसण्डा क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों में बुधवार को उस समय खास माहौल देखने को मिला, जब क्षेत्रीय विधायक विवेक वर्मा औचक निरीक्षण के लिए विद्यालयों में पहुंचे।

पीलीभीत: विधायक विवेक वर्मा ने बच्चों के साथ किया भोजन, परिषदीय विद्यालयों की व्यवस्थाओं का लिया जायजा
Published By- Diwaker Mishra

पीलीभीत से प्रेम पाठक की रिपोर्ट

​पीलीभीत/जनमत न्यूज़। उप्र के पीलीभीत जनपद के बिलसण्डा क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों में बुधवार को उस समय खास माहौल देखने को मिला, जब क्षेत्रीय विधायक विवेक वर्मा औचक निरीक्षण के लिए विद्यालयों में पहुंचे। विधायक ने विद्यालय की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के साथ ही बच्चों के बीच जमीन पर बैठकर मध्यान्ह भोजन ग्रहण किया।

जनप्रतिनिधि को अपने बीच बैठकर भोजन करते देख बच्चे भी उत्साहित नजर आए। विधायक विवेक वर्मा ने विधानसभा क्षेत्र के ग्राम करेली स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय तथा बबूरा स्थित प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण किया।

विद्यालय पहुंचने पर उन्होंने शिक्षण व्यवस्था, बच्चों की उपस्थिति, साफ-सफाई, पेयजल, रसोईघर तथा मध्यान्ह भोजन योजना से संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने विद्यालय परिसर का निरीक्षण करते हुए आवश्यक व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने पर जोर दिया।

निरीक्षण के दौरान विधायक सीधे बच्चों के बीच पहुंचे और उनके साथ जमीन पर बैठकर मध्यान्ह भोजन किया। उन्होंने भोजन की गुणवत्ता, स्वाद और स्वच्छता को स्वयं परखते हुए विद्यालय में तैयार किए जा रहे भोजन की व्यवस्था का जायजा लिया। विधायक के बच्चों के साथ बैठकर भोजन करने से विद्यालय में मौजूद छात्र-छात्राओं में भी उत्साह दिखाई दिया।

विधायक ने रसोईघर का निरीक्षण कर वहां भोजन तैयार करने की प्रक्रिया, साफ-सफाई और उपयोग में लाई जा रही सामग्री के बारे में जानकारी ली। उन्होंने संबंधित कर्मचारियों से भोजन की मात्रा और गुणवत्ता के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालय प्रशासन को निर्देश दिए कि बच्चों को निर्धारित मानकों के अनुरूप पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने कहा कि परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चे सरकार की प्राथमिकता में हैं।

बच्चों को बेहतर शिक्षा के साथ-साथ स्वच्छ वातावरण, शुद्ध पेयजल और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना भी आवश्यक है। मध्यान्ह भोजन योजना का उद्देश्य केवल बच्चों को भोजन उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उनके पोषण और विद्यालय में नियमित उपस्थिति को बढ़ावा देना भी है।

विधायक ने प्रधानाध्यापकों और विद्यालय स्टाफ से कहा कि विद्यालय परिसर में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए। रसोईघर की स्वच्छता, भोजन बनाने वाले स्थान की साफ-सफाई तथा बच्चों को भोजन परोसने की व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने शिक्षकों से बच्चों की पढ़ाई पर भी विशेष ध्यान देने और विद्यालय में सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने की अपेक्षा जताई।

विद्यालय निरीक्षण के दौरान विधायक ने बच्चों से बातचीत भी की। उन्होंने उनसे पढ़ाई, भोजन और विद्यालय में मिलने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। बच्चों ने भी अपनी बात सहजता से उनके सामने रखी। विधायक ने बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने तथा अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

इस दौरान विद्यालय में मौजूद ग्रामीणों और अभिभावकों ने विधायक के इस सहज व्यवहार की सराहना की। ग्रामीणों का कहना था कि जनप्रतिनिधि द्वारा बच्चों के साथ बैठकर भोजन करना और विद्यालय की व्यवस्थाओं को स्वयं देखना सकारात्मक पहल है।

इससे विद्यालयों में उपलब्ध सुविधाओं और योजनाओं की वास्तविक स्थिति की जानकारी सीधे जनप्रतिनिधि तक पहुंचती है। निरीक्षण के दौरान विधायक ने विद्यालयों में सरकार की ओर से संचालित योजनाओं और सुविधाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी जोर दिया।

उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र बच्चों तक पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचना चाहिए। विद्यालयों में किसी भी प्रकार की समस्या सामने आने पर उसे संबंधित अधिकारियों के संज्ञान में लाकर समय से समाधान कराया जाए।

विधायक के निरीक्षण के दौरान विद्यालय स्टाफ में भी सक्रियता दिखाई दी। उन्होंने विद्यालय की व्यवस्थाओं को लगातार बेहतर बनाए रखने और बच्चों की आवश्यकताओं को प्राथमिकता देने की बात कही।

बिलसण्डा क्षेत्र में विधायक के इस औचक निरीक्षण को विद्यालयी व्यवस्थाओं की निगरानी की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। बच्चों के साथ जमीन पर बैठकर भोजन करने की तस्वीरें और वीडियो भी चर्चा का विषय रहे।

विधायक का कहना है कि विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को बेहतर वातावरण और गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं मिलना उनकी जिम्मेदारी का हिस्सा है। कुल मिलाकर विधायक विवेक वर्मा का करेली और बबूरा के परिषदीय विद्यालयों का निरीक्षण केवल औपचारिक निरीक्षण तक सीमित नहीं रहा।

बच्चों के साथ बैठकर भोजन करना, रसोई और भोजन की गुणवत्ता देखना तथा विद्यालय में साफ-सफाई और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने के निर्देश देना इस निरीक्षण की प्रमुख बातें रहीं। ग्रामीणों और अभिभावकों ने भी इसे बच्चों के हित में उठाया गया सराहनीय कदम बताया।