प्रतापगढ़: ममतामई माता शांति देवी सद्भावना सम्मान समारोह का आयोजन, 55 दृष्टिबाधित सम्मानित

प्रतापगढ़ में ममतामई माता शांति देवी की 15वीं पावन स्मृति में माता शांति देवी सामाजिक सद्भावना समारोह का आयोजन चिलबिला पट्टी रोड स्थित महुली के रेखा सदन में भव्यता के साथ संपन्न हुआ।

प्रतापगढ़: ममतामई माता शांति देवी सद्भावना सम्मान समारोह का आयोजन, 55 दृष्टिबाधित सम्मानित
Published By- Diwaker Mishra

प्रतापगढ़ से विकास गुप्ता की रिपोर्ट

प्रतापगढ़/जनमत न्यूज़। उप्र के प्रतापगढ़ जनपद में ममतामई माता शांति देवी की 15वीं पावन स्मृति में माता शांति देवी सामाजिक सद्भावना समारोह का आयोजन चिलबिला पट्टी रोड स्थित महुली के रेखा सदन में भव्यता के साथ संपन्न हुआ।

जिसमें पूरे जनपद से खोज कर लाए गए 55 दृष्टिबाधित लोगों को विविध उपहार देकर सम्मानित किया गया। दिव्यांग देवी प्रसाद को व्हीलचेयर प्रदान की गई। इसी प्रकार अनेक वृद्धजनों को सहारा देने के लिए छड़ी भेंट की गई और क्षेत्र के 521 जरूरतमंदों में कंबल वितरण किया गया।

जनपद के विविध क्षेत्र से चिकित्सा, साहित्य, समाजसेवा, विधि, व्यापार, शिक्षा, प्रशासन आदि क्षेत्रों के 103 लोगों को उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए अभिनन्दित किया। इस अवसर पर सीएमओ कार्यालय, श्री रामभद्राचार्य चित्रकूट के नेत्र चिकित्सकों व आयुर्वेद चिकित्सकों द्वारा शिविर का आयोजन कर सेवाएं दी गई। निःशुल्क दवाई का वितरण भी किया गया।

कार्यक्रम के आरंभ में माता शांति देवी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित करके माल्यार्पण किया गया। तत्पश्चात उनके व्यक्तित्व पर वक्ताओं ने प्रकाश डाला। मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए भाजपा जिला अध्यक्ष आशीष श्रीवास्तव ने कहा कि रोशनलाल उमरवैश्य महान माता के योग्य पुत्र हैं। आज का कार्यक्रम प्रेरणादाई है। हमारी संस्कृति में माता-पिता और बुजुर्गों को उच्च स्थान प्राप्त है। उनकी सेवा प्रमुख है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे अंतरराष्ट्रीय कथा व्यास अमित कृष्ण शास्त्री महाराज ने कहा कि परोपकार ही सबसे बड़ा पूण्य और दूसरों को पीड़ा देना सबसे बड़ा पाप है। रोशनलाल उमरवैश्य मनुष्यों की सेवा के साथ-साथ जीव जंतुओं की भी सेवा करते हैं जो अनुकरणीय है।

कार्यक्रम में उद्घाटन अतिथि के रूप में बोलते हुए सीओ सिटी ट्रैफिक अनिल कुमार राय ने यातायात के नियमों के पालन के लिए आग्रह के साथ कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए कहा कि आज का कार्यक्रम समाज के लिए प्रेरणादायक है।

विशिष्ट अतिथि नायब तहसीलदार बालेंद्र भूषण, कानून गो त्रिभुवन नाथ मिश्र, सूबेदार राम आसरे सिंह रहे। संचालन वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. दयाराम मौर्य ने किया। कवि डॉ. श्याम शंकर शुक्ला, राजेश कुमार यादव, प्रेम कुमार त्रिपाठी, राज नारायण शुक्ला राजन, आशालता ने मां विषय की व्याख्या प्रस्तुत की।