शाहजहांपुर: सर्राफा व्यापारी ने चार पुलिसकर्मियों पर लगाए मारपीट के गंभीर आरोप, थाना प्रभारी से की शिकायत
उप्र के शाहजहांपुर जनपद के थाना परशुरामपुरी क्षेत्र के निवासी एक सर्राफा व्यापारी ने तिलहर पुलिस के कुछ पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए थाना प्रभारी परशुरामपुरी को लिखित शिकायत दी है।
शाहजहांपुर से राजीव शुक्ला की रिपोर्ट
शाहजहांपुर/जनमत न्यूज़। उप्र के शाहजहांपुर जनपद के थाना परशुरामपुरी क्षेत्र के निवासी एक सर्राफा व्यापारी ने तिलहर पुलिस के कुछ पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए थाना प्रभारी परशुरामपुरी को लिखित शिकायत दी है।
शिकायत में व्यापारी ने पुलिसकर्मियों पर जबरन अपने साथ ले जाने, मारपीट करने, मादक पदार्थ की तस्करी के फर्जी मामले में फंसाने की धमकी देने तथा दो लाख रुपये की रंगदारी वसूलने का आरोप लगाया है।
शिकायतकर्ता सुन्दरम क्षत्रिय पुत्र राजेश क्षत्रिय, निवासी मोहल्ला कानूनगोयान, कस्बा व थाना परशुरामपुरी, ने बताया कि वह पेशे से सर्राफा व्यापारी है।
उसके अनुसार 4 सितंबर 2026 की रात करीब आठ बजे उसके मोबाइल पर एक नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने कथित तौर पर दस हजार रुपये की आवश्यकता बताते हुए पैसे मांगे। शिकायत के मुताबिक इसके बाद दोबारा फोन आने पर व्यापारी जलालाबाद पहुंचा।
आरोप है कि वहां से उसे चार पुलिसकर्मी-अरुण चितौड़िया, पंकज, तुषार और वीरेंद्र सादे कपड़ों में मोटरसाइकिलों से मिले और उसे अपने साथ चलने के लिए कहा। शिकायतकर्ता के अनुसार परिचित होने के कारण वह उनके साथ चला गया।
आरोप है कि राजभोग होटल के आगे उसे सुनसान स्थान पर ले जाकर तलाशी ली गई और उसकी जेब से कथित रूप से पॉलीथिन निकालकर उसे मादक पदार्थ की तस्करी करने के आरोप में फंसाने की धमकी दी गई।
मारपीट और गंभीर प्रताड़ना के आरोप
शिकायत में व्यापारी ने आरोप लगाया है कि इसके बाद उसे जबरन तिलहर थाना क्षेत्र की बिरियागंज पुलिस चौकी ले जाया गया, जहां उसके साथ मानसिक एवं शारीरिक रूप से प्रताड़ना की गई।
शिकायतकर्ता ने पुलिसकर्मियों पर मारपीट करने तथा उसके गुदाद्वार में पेट्रोल डालने का भी गंभीर आरोप लगाया है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
व्यापारी का आरोप है कि उसे और उसके परिवार को झूठे मादक पदार्थ के मुकदमे में जेल भेजने की धमकी देकर दो लाख रुपये की रकम वसूली गई, जिसके बाद उसे देर रात करीब 1:30 बजे छोड़ा गया। शिकायतकर्ता ने यह भी कहा है कि घटना से संबंधित ऑडियो रिकॉर्डिंग और सीसीटीवी फुटेज उसके पास उपलब्ध हैं।
पीड़ित ने अपनी शिकायत में यह भी आशंका जताई है कि घटना में नामजद पुलिसकर्मियों के अलावा कुछ अन्य स्थानीय लोग भी शामिल हो सकते हैं। उसने थाना प्रभारी परशुरामपुरी से मामले की रिपोर्ट दर्ज कर आरोपित पुलिसकर्मियों के विरुद्ध रंगदारी व पुलिस पद के दुरुपयोग समेत उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
गौरतलब है कि यह पूरा मामला पीड़ित द्वारा दी गई लिखित शिकायत में लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। शिकायत की प्रति संबंधित अधिकारियों को दिए जाने की बात भी सामने आई है।




