हरदोई में सामने आई बाढ़ की भयावहता; नाव पर निकली अंतिम यात्रा, शव लेकर पानी में उतरा बेटा
उप्र के हरदोई जनपद में बाढ़ की भयावहता की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसे देखकर किसी का भी दिल दहल जाए। ग्राम सभा जिगनी चौगवां के मजरा ठेंहड़ा पुरवा निवासी 72 वर्षीय मुलायम कुशवाहा का निधन हो गया।
हरदोई से सुनील कुमार की रिपोर्ट
हरदोई/जनमत न्यूज़। उप्र के हरदोई जनपद में बाढ़ की भयावहता की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसे देखकर किसी का भी दिल दहल जाए। ग्राम सभा जिगनी चौगवां के मजरा ठेंहड़ा पुरवा निवासी 72 वर्षीय मुलायम कुशवाहा का निधन हो गया।
परिवार अभी पिता की मौत के सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि अंतिम संस्कार के लिए शव को गांव से बाहर ले जाना बड़ी चुनौती बन गया। गांव चारों तरफ बाढ़ के पानी से घिरा हुआ है और बाहर जाने वाले रास्ते पूरी तरह जलमग्न हैं ऐसे हालात में बेटे सुखदेव कुशवाहा और ग्रामीणों के सामने कोई रास्ता नहीं बचा।
आखिरकार पिता के शव को नाव के सहारे पानी के बीच से बाहर निकालने का फैसला लिया गया।तस्वीरों में साफ दिखाई दे रहा है कि किस तरह ग्रामीण नाव पर शव को लेकर पानी के बीच से गुजर रहे हैं।
जिस पिता को बेटा अपने कंधे पर अंतिम विदाई देना चाहता होगा, उनकी अंतिम यात्रा नाव पर पानी के बीच से निकली। काफी मशक्कत के बाद ग्रामीण शव को गांव से बाहर सड़क तक लेकर पहुंचे,जिसके बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की।
जिगनी चौगवां समेत आसपास के बाढ़ प्रभावित इलाकों में हालात बेहद मुश्किल बने हुए हैं कई रास्ते पानी में डूब चुके हैं और ग्रामीणों का आवागमन बाधित है कई जगह गांवों का संपर्क भी लगभग टूट चुका है।
मुलायम कुशवाहा की यह अंतिम यात्रा सिर्फ एक परिवार की मजबूरी नहीं, बल्कि बाढ़ से जूझ रहे ग्रामीणों की बेबसी की तस्वीर है। जिस पानी से लोग जिंदगी बचाने के लिए जूझ रहे हैं तो उसी पानी ने मौत के बाद भी अपनों को अंतिम मंजिल तक पहुंचाने का रास्ता रोक दिया।
समाजसेवी राजवर्धन सिंह राजू ने बाढ़ प्रभावित जिगनी चौगवां के हालात पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि पहले भी बाढ़ के दौरान ग्रामीणों की समस्या दिखाई गई थी, लेकिन जनप्रतिनिधियों ने गंभीरता से ध्यान नहीं दिया।
उन्होंने बताया कि बुजुर्ग मुलायम कुशवाहा की मौत के बाद ग्रामीणों को शव और मिट्टी नाव के सहारे बाहर लानी पड़ी। राजू ने सवाल उठाया कि क्या जनप्रतिनिधि किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं। ग्रामीणों से पूछने पर उन्होंने भी कहा कि अब तक कोई विधायक, सांसद या ब्लॉक प्रमुख गांव का हाल जानने नहीं आया है.




