संभल में 101 करोड़ का सरकारी जमीन घोटाला, नगर पालिका के तत्कालीन EO गिरफ्तार
उप्र के संभल जनपद में करीब 101 करोड़ रुपये मूल्य की सरकारी जमीन से जुड़े चर्चित घोटाले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने तत्कालीन नगर पालिका परिषद संभल के अधिशासी अधिकारी (EO) राजकुमार को गिरफ्तार किया है।
संभल से राम व्रेश यादव की रिपोर्ट
संभल/जनमत न्यूज़। उप्र के संभल जनपद में करीब 101 करोड़ रुपये मूल्य की सरकारी जमीन से जुड़े चर्चित घोटाले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने तत्कालीन नगर पालिका परिषद संभल के अधिशासी अधिकारी (EO) राजकुमार को गिरफ्तार किया है।
उन पर सरकारी भूमि के कथित गबन, फर्जीवाड़े और न्यायालय में भ्रामक शपथ-पत्र दाखिल कर मामले को प्रभावित करने का आरोप है। पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई के मुताबिक, मामले की गहन जांच जारी है और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें गठित कर दी गई हैं।
संभल जनपद में करोड़ों रुपये मूल्य की सरकारी जमीन के कथित गबन का मामला लगातार सुर्खियों में है। पुलिस के अनुसार, संभल-मुरादाबाद मार्ग स्थित करीब 38 बीघा ग्राम समाज की भूमि, जिसकी वर्तमान बाजार कीमत लगभग 101 करोड़ रुपये आंकी गई है।
उसे अवैध तरीके से खुर्द-बुर्द करने का प्रयास किया गया। इसी मामले में पुलिस ने तत्कालीन अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद संभल राजकुमार को गिरफ्तार किया है। वर्तमान में उनकी तैनाती शाहजहांपुर में बताई जा रही है।
जांच में सामने आया है कि सरकारी भूमि को अधिकारियों की कथित मिलीभगत से बेचने की साजिश रची गई। साथ ही, आरोप है कि उच्च न्यायालय में अभियुक्तों के पक्ष में भ्रामक एवं अवैधानिक शपथ-पत्र दाखिल कर रिट याचिका को समाप्त कराने का प्रयास भी किया गया।
पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने प्रेस वार्ता में बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच कराई जा रही है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग पुलिस टीमें गठित की गई हैं और साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि तीन दिन पहले जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने स्वयं विवादित सरकारी भूमि का निरीक्षण किया था। इसके बाद जांच में तेजी आई और मामले की कई अहम परतें खुलकर सामने आईं।
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि सरकारी अभिलेखों में किस प्रकार हेराफेरी की गई और इस कथित फर्जीवाड़े में किन-किन अधिकारियों तथा अन्य लोगों की भूमिका रही।
पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष और साक्ष्य आधारित तरीके से आगे बढ़ाई जा रही है। सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या अवैध रूप से हड़पने में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।


