उरई: सम्पूर्ण समाधान दिवस में 16 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण, डीएम ने अधिकारियों को दिए निर्देश
उप्र के उरई जनपद की माधौगढ़ तहसील सभागार में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय व पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने दूर-दराज से आए फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुना।
उरई से सुनील शर्मा की रिपोर्ट
उरई/जनमत न्यूज़। उप्र के उरई जनपद की माधौगढ़ तहसील सभागार में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय व पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने दूर-दराज से आए फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुना।
सम्पूर्ण समाधान दिवस में कुल 55 शिकायती प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 16 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया।
सम्पूर्ण समाधान दिवस में सर्वाधिक शिकायतें विद्युत विभाग से संबंधित प्राप्त हुईं। इसके अतिरिक्त चकरोड, नाली, आवास एवं क्षतिपूर्ति से संबंधित प्रकरण भी सामने आए।
जिलाधिकारी ने सम्बंधित अधिकारियों की टीम बनाकर मौके पर पहुंचकर शिकायतों का वास्तविक समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। शिकायतों के निस्तारण के लिए सात टीमें मौके पर भेजी गईं, जो स्थलीय निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेंगी।
चकरोड से संबंधित पांच प्रकरणों में मौके पर चकरोड खाली करा दिए गए थे, लेकिन मिट्टी डालने का कार्य शेष था। जिलाधिकारी ने तत्काल मिट्टी डलवाने के निर्देश दिए, ताकि ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी न हो और वे खाद, बीज सहित आवश्यक कृषि सामग्री आसानी से अपने खेतों तक ले जा सकें।
सम्पूर्ण समाधान दिवस में स्वाति सिंह ने शिकायत प्रस्तुत की कि उन्होंने एक प्लाट खरीदा था, लेकिन उसका दाखिल-खारिज किसी अन्य व्यक्ति के नाम कर दिया गया।
जिलाधिकारी ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए तत्काल तहसीलदार को बुलाकर मामले की जांच कराई तथा संबंधित अधिवक्ता को भी उपस्थित कराया गया।
जांच में सामने आया कि डीड के अंतिम पृष्ठ में किसी दूसरी तिथि का पृष्ठ लग जाने तथा उस पर स्वाति सिंह के हस्ताक्षर कराकर प्रेषित किए जाने के कारण त्रुटि हुई थी। जिलाधिकारी ने तत्काल आवश्यक सुधार कराया और स्पष्ट निर्देश दिए कि इस प्रकार की त्रुटियों की पुनरावृत्ति किसी भी दशा में न हो।
जिलाधिकारी ने राजस्व प्रशासन, पुलिस प्रशासन एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत का निष्पक्ष, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता को राहत मिलना ही शिकायत निस्तारण का वास्तविक उद्देश्य है।
साथ ही निस्तारित शिकायतों के संबंध में शिकायतकर्ताओं से लगातार फोन के माध्यम से फीडबैक प्राप्त करने के भी निर्देश दिए, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि शिकायतों का समाधान वास्तव में हुआ है और फरियादी संतुष्ट है।
इस अवसर मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह, उप जिलाधिकारी मनोज कुमार, सीओ अम्बुज सिंह, प्रभागीय वनाधिकारी प्रदीप कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी एच एन प्रसाद, परियोजना निदेशक अखिलेश तिवारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।







