बहराइच में कुदरत का कहर, घरों में घुसा बाढ़ का पानी; ग्रामीणों की बढ़ी मुश्किलें, अलर्ट पर प्रशासन

उप्र के बहराइच जिले में घाघरा नदी एक बार फिर विकराल रूप ले चुकी है। जिले की दो तहसीलों के डेढ़ दर्जन से अधिक गांव और मजरे बाढ़ की चपेट में हैं।

बहराइच में कुदरत का कहर, घरों में घुसा बाढ़ का पानी; ग्रामीणों की बढ़ी मुश्किलें, अलर्ट पर प्रशासन
Published By- Diwaker Mishra

बहराइच से रिजवान खान की रिपोर्ट  

बहराइच/जनमत न्यूज़। उप्र के बहराइच जिले में घाघरा नदी एक बार फिर विकराल रूप ले चुकी है। जिले की दो तहसीलों के डेढ़ दर्जन से अधिक गांव और मजरे बाढ़ की चपेट में हैं।

कई गांवों में बाढ़ का पानी लोगों के घरों तक पहुंच चुका है, जिससे ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी पूरी तरह प्रभावित हो गई है। अचानक घरों में पानी घुसने से लोगों की गृहस्थी तबाह होने के कगार पर पहुंच गई है।

मोतीपुर तहसील के जंगल गुलरिहा, सम्पतपुरवा, खैरी पुरवा समेत कई गांवों के ग्रामीण प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहे हैं। वहीं महसी तहसील के पूरे प्रसाद सिंह गांव के चार मजरे जानकी नगर, महन्त पुरवा, भी बाढ़ से प्रभावित हैं।

हालात यह हैं कि एक तरफ घरों में पानी भरा है, तो दूसरी तरफ घाघरा नदी तेजी से खेतों का कटान कर रही है। देखते ही देखते किसानों की उपजाऊ जमीन नदी में समाहित हो रही है, जिससे उनके माथे पर चिंता की लकीरें साफ दिखाई दे रही हैं।

बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्कूल बंद होने के कारण प्रशासन ने छात्रों की पढ़ाई के लिए सुरक्षित स्थानों पर वैकल्पिक व्यवस्था की है। हालांकि घरों में लगातार भरा पानी और नदी के खतरनाक जलीय जीव-जंतुओं का खतरा बच्चों और ग्रामीणों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।

सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य में जुटा है। तहसील प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों को लंच पैकेट उपलब्ध कराए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव-गांव पहुंचकर बाढ़ पीड़ितों की निगरानी कर रही हैं।

मोतीपुर की एसडीएम मोनालिसा जौहरी ने बताया कि दूसरी बार आई बाढ़ से ग्रामीणों को परेशानी हो रही है, लेकिन प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। पशुओं का टीकाकरण, बच्चों की शिक्षा और भोजन की व्यवस्था समेत जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।