सहारनपुर में मस्जिद गिराने पर बोले अखिलेश: जो दूसरे धर्मों का सम्मान नहीं करते, वे सच्चे सनातनी नहीं हो सकते

सहारनपुर में अवैध मस्जिद के ध्वस्तीकरण को लेकर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगे कैसे सच्चे सनातनी हो सकते हैं। 

सहारनपुर में मस्जिद गिराने पर बोले अखिलेश: जो दूसरे धर्मों का सम्मान नहीं करते, वे सच्चे सनातनी नहीं हो सकते
Published By- Diwaker Mishra

लखनऊ/जनमत न्यूज़। सहारनपुर में अवैध मस्जिद के ध्वस्तीकरण को लेकर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगे कैसे सच्चे सनातनी हो सकते हैं। 

सच्चा हिंदू कभी दूसरों का अपमान नहीं करता। उन्होंने ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की अवधारणा का उल्लेख करते हुए कहा कि सनातन धर्म हमें पूरी धरती और समाज को एक परिवार मानने की सीख देता है।

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव लखनऊ पब्लिक स्कूल्स एंड कॉलेजेस में शिक्षक सम्मान समारोह कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे. यहां उन्होंने शिक्षकों को समाज और आने वाली पीढ़ी का मार्गदर्शक बताया। अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में करीब 26 हजार प्राइमरी स्कूल बंद हो गए हैं। सत्ता में आने पर इन स्कूलों को फिर से खोलने का वादा किया।

राम मंदिर चंदे को लेकर अखिलेश का भाजपा पर हमला

अखिलेश यादव ने राम मंदिर चंदे को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘राम धन’ का गबन करने वाले अब घबराए हुए हैं और इसे सांप्रदायिक मुद्दा बनाने का रास्ता तलाश रहे हैं। अखिलेश ने कहा कि भाजपा पहले अपने धर्मनिरपेक्ष स्वरूप को दिखाने के लिए मुस्लिम समुदाय के लोगों को भी साथ लेकर चलती थी।

अखिलेश ने भाजपा के पुराने राजनीतिक दौर का जिक्र करते हुए कहा कि जब पार्टी के पहले अध्यक्ष की नियुक्ति हुई थी, तब उसके चंदे में मुस्लिम समाज की भी बड़ी हिस्सेदारी थी। उन्होंने दावा किया कि उस समय पार्टी ने अपनी धर्मनिरपेक्ष छवि स्थापित करने के लिए एक मुस्लिम व्यक्ति को अध्यक्ष का प्रस्तावक भी बनाया था।

लखनऊ की ‘लाल बिल्डिंग’ का जिक्र करते हुए सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि इसे लेकर पहले से भ्रष्टाचार की चर्चाएं होती रही हैं। उन्होंने कहा कि लोग दावा करते थे कि पार्किंग से मिलने वाली रकम ही इमारत की लागत से अधिक हो जाएगी।

अखिलेश ने संबंधित अधिकारियों पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि इन अधिकारियों की पहले गोरखपुर में तैनाती रही है और वे वहीं की कथित अनियमित कार्यशैली को लखनऊ लेकर आए हैं। उन्होंने इसे तंज कसते हुए ‘गोरखधंधा’ करार दिया।