प्रतापगढ़ की पट्टी तहसील में अधिवक्ताओं ने की तालाबंदी, पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी

उप्र के प्रतापगढ़ जनपद के पट्टी कोतवाली परिसर में युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले को लेकर अधिवक्ताओं में आक्रोश है।

प्रतापगढ़ की पट्टी तहसील में अधिवक्ताओं ने की तालाबंदी, पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी
Published By- Diwaker Mishra

प्रतापगढ़ से विकास गुप्ता की रिपोर्ट

प्रतापगढ़/जनमत न्यूज़। उप्र के प्रतापगढ़ जनपद के पट्टी कोतवाली परिसर में युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले को लेकर अधिवक्ताओं में आक्रोश है। मंगलवार को अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में तालाबंदी कर पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान तहसील से लेकर रजिस्ट्री कार्यालय तक कामकाज प्रभावित रहा।

अधिवक्ताओं का कहना है कि कोतवाली में युवक की मौत की घटना गंभीर है और मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई होनी चाहिए। आक्रोशित अधिवक्ताओं ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया।

बताया गया कि पहली बार कोतवाली के मुख्य गेट पर पुलिस की ओर से ही ताला लगाए जाने की स्थिति सामने आई। इसके बाद तहसील परिसर में भी अधिवक्ताओं ने तालाबंदी कर दी। घटना को लेकर तहसील क्षेत्र में काफी देर तक गहमागहमी बनी रही।

गौरतलब है कि पट्टी कोतवाली में युवक अर्जुन की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद पुलिस विभाग की ओर से पट्टी कोतवाल आनंद पाल सिंह और विवेचक ओमकार सिंह को निलंबित किया जा चुका है। मामले की जांच के आदेश भी दिए गए हैं। अधिवक्ता घटना की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।