औरैया की दिबियापुर पुलिस ने छिनैती कांड का किया खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार; मोबाइल व वाहन बरामद
उप्र के औरैया जनपद की थाना दिबियापुर पुलिस, स्वाट और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में क्षेत्र में हुई मारपीट और मोबाइल छिनैती की घटना का सफल अनावरण करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
औरैया से अरुण वाजपेयी की रिपोर्ट
दिबियापुर (औरैया)/जनमत न्यूज़। उप्र के औरैया जनपद की थाना दिबियापुर पुलिस, स्वाट और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में क्षेत्र में हुई मारपीट और मोबाइल छिनैती की घटना का सफल अनावरण करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से छीना गया रियलमी एंड्रॉयड मोबाइल फोन, घटना में प्रयुक्त एक पल्सर मोटरसाइकिल और एक टाटा हैरियर कार बरामद की है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गौरव यादव (22 वर्ष) निवासी नगला महाजीत, थाना सिविल लाइन इटावा, योगेन्द्र यादव (18 वर्ष) निवासी नगला सबल, थाना भरथना इटावा तथा प्रदीप यादव (35 वर्ष) निवासी नगला महाजीत, थाना सिविल लाइन इटावा के रूप में हुई है।
घटना के अनुसार, अनुदेशक चकबन्दी अधिकारी बिधूना कार्यालय में तैनात अजय कुमार पाण्डेय 22 जून को ककोर मुख्यालय से सरकारी डाक लेकर बिधूना जा रहे थे।
रामगढ़-दिबियापुर मार्ग पर गुलरिया गांव के निकट पल्सर सवार युवकों और पीछे चल रही हैरियर कार में मौजूद लोगों ने उन्हें रोक लिया। विरोध करने पर डंडों से मारपीट की गई और उनका रियलमी मोबाइल फोन छीनकर आरोपी फरार हो गए।
पीड़ित की तहरीर पर थाना दिबियापुर में मुकदमा दर्ज कर पुलिस टीमों का गठन किया गया। मुखबिर की सूचना पर 24 जून की रात करीब 8:10 बजे केंजरी नहर पुल के पास तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ और बरामदगी के आधार पर मुकदमे में धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई है।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि वे इटावा में एक निजी फाइनेंस कंपनी चलाते हैं। कंपनी में कार्यरत एक महिला सहकर्मी का अपने ससुर अजय कुमार पाण्डेय से गुजारा भत्ता को लेकर विवाद चल रहा था।
महिला के कहने पर उन्होंने अजय कुमार पाण्डेय को पीटने और उनका मोबाइल छीन लेने की योजना बनाई, ताकि वह तत्काल किसी को सूचना न दे सकें। इसी योजना के तहत घटना को अंजाम दिया गया।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी योगेन्द्र यादव और प्रदीप यादव के विरुद्ध पूर्व में भी विभिन्न धाराओं में आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
गिरफ्तारी करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक सत्यप्रकाश सिंह, स्वाट एवं सर्विलांस प्रभारी उपनिरीक्षक समित चौधरी तथा उपनिरीक्षक आनंद कुमार अपनी-अपनी टीमों के साथ शामिल रहे।


