बलरामपुर: उतरौला में चाय पीने जा रहे युवक पर हमला और हत्या मामले में सातवां आरोपी गिरफ्तार
उप्र के बलरामपुर जिले के गैण्डास बुजुर्ग थाना क्षेत्र में हुए जानलेवा हमले और बाद में हत्या के मामले में पुलिस ने फरार चल रहे एक और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
बलरामपुर से गुलाम नबी कुरैशी की रिपोर्ट
बलरामपुर/जनमत न्यूज़। उप्र के बलरामपुर जिले के गैण्डास बुजुर्ग थाना क्षेत्र में हुए जानलेवा हमले और बाद में हत्या के मामले में पुलिस ने फरार चल रहे एक और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
इस गिरफ्तारी के साथ ही पुलिस अब तक इस मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस के अनुसार, घटना की शुरुआत 26 मई 2026 की रात हुई थी। आरोप है कि अहिरौला गांव निवासी मोहम्मद आसिफ खान बाइक से गांव में घूम रहा था।
इसी दौरान राजू मौर्या ने उसके घूमने पर आपत्ति जताई। इसे लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई, जिसके बाद आसिफ कथित रूप से धमकी देकर वहां से चला गया।
अगली सुबह 27 मई को जब राजू मौर्या पिपरा चौराहे पर चाय पीने जा रहा था, तभी मोहम्मद आसिफ खान और उसके साथियों ने उसे रास्ते में रोक लिया। आरोप है कि हमलावरों ने गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडों से हमला कर दिया।
बीच-बचाव करने पहुंचे परिजनों को भी निशाना बनाया गया। हमले में मीना देवी और धनराज मौर्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे। बाद में मामले ने गंभीर रूप ले लिया और हत्या की धाराएं भी बढ़ाई गईं।
पीड़ित पक्ष की तहरीर पर गैण्डास बुजुर्ग थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे।
अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पाण्डेय और क्षेत्राधिकारी उतरौला राघवेन्द्र सिंह के पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष राजीव कुमार मिश्र के नेतृत्व में पुलिस टीम लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी थी।
बुधवार को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने फरार चल रहे आरोपी वाजिद पुत्र आबिद निवासी पिपराराम, थाना गैण्डास बुजुर्ग को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तारी के दौरान आरोपी ने भागने का प्रयास किया, जिससे उसके पैर में चोट लग गई। उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उपचार के बाद आरोपी को न्यायालय भेजने की कार्रवाई की जा रही है।
पूछताछ में वाजिद ने स्वीकार किया कि वह 27 मई की घटना में शामिल था। उसने बताया कि राजू मौर्या और उसके साथी संतोष यादव को घेरकर मारपीट की गई थी। शोर सुनकर बचाने पहुंचे हीरालाल मौर्य, मीना देवी, धनराज मौर्य, सोहन लाल और आकाश मौर्य को भी आरोपियों ने पीटा था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस प्रकरण में पहले ही छह आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। वाजिद की गिरफ्तारी के बाद मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या सात हो गई है। पुलिस का कहना है कि प्रकरण से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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