रायबरेली में फर्जी जन्म प्रमाणपत्रों का अब तक का सबसे बड़ा घोटाला उजागर
जांच में कुल 53,267 प्रमाणपत्रों की छानबीन की गई, जिसमें से सिर्फ 421 प्रमाणपत्र ही सही पाए गए, जबकि 52,846 प्रमाणपत्र फर्जी निकले।
रायबरेली से महाताब खान की रिपोर्ट —
रायबरेली/जनमत न्यूज। जनपद रायबरेली में फर्जी जन्म प्रमाणपत्रों का अब तक का सबसे बड़ा घोटाला सामने आया है, जिसने पूरे प्रशासनिक तंत्र को हिलाकर रख दिया है। सलोन तहसील क्षेत्र में वर्ष 2020 से 2023 के बीच जारी किए गए जन्म प्रमाणपत्रों की व्यापक जांच में चौंकाने वाले तथ्य उजागर हुए हैं।
जांच में कुल 53,267 प्रमाणपत्रों की छानबीन की गई, जिसमें से सिर्फ 421 प्रमाणपत्र ही सही पाए गए, जबकि 52,846 प्रमाणपत्र फर्जी निकले। यह आंकड़ा अपने आप में हैरान करने वाला है, क्योंकि सलोन तहसील क्षेत्र की कुल आबादी लगभग 60 हजार है, जबकि जारी किए गए जन्म प्रमाणपत्रों की संख्या उससे कई गुना अधिक निकली।
इस बड़े फर्जीवाड़े में विकास खंड अधिकारी (वीडीओ) विजय यादव और जन सुविधा केंद्र संचालक जीशान का नाम सामने आया है। आरोप है कि दोनों ने मिलकर लाखों रुपये की अवैध कमाई के लिए फर्जी प्रमाणपत्रों की निर्बाध ढंग से आपूर्ति की। मामले के खुलासे के बाद दोनों आरोपी इस समय जेल में बंद हैं।
घोटाले का भंडाफोड़ होते ही प्रशासन हरकत में आ गया है। जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) कार्यालय में फर्जी प्रमाणपत्रों को निरस्त करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मामले की गहन जांच जारी है और पूरे प्रकरण में शामिल हर व्यक्ति पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस अनियमितता ने न केवल प्रशासनिक कामकाज पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि सरकारी सिस्टम में व्याप्त भ्रष्टाचार की जड़ तक पहुंचने की आवश्यकता भी दिखा दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उम्मीद है कि आने वाले दिनों में और भी नाम इस घोटाले में शामिल पाए जा सकते हैं।

Janmat News 
