विंध्याचल धाम पहुंचे कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी, केंद्र सरकार की नीतियों पर साधा निशाना

विदेश नीति के मुद्दे पर भी तिवारी ने सवाल उठाते हुए कहा कि भारत लंबे समय से मध्य-पूर्व देशों पर ऊर्जा आपूर्ति के लिए निर्भर रहा है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय संबंधों को संतुलित बनाए रखना बेहद आवश्यक है।

विंध्याचल धाम पहुंचे कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी, केंद्र सरकार की नीतियों पर साधा निशाना
PUBLISHED BY MANOJ KUMAR

मिर्जापुर से आनंद तिवारी की रिपोर्ट —

विंध्याचल धाम/जनमत न्यूज। मां विंध्यवासिनी के दर्शन-पूजन के लिए विंध्याचल धाम पहुंचे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता Pramod Tiwari ने केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता से जुड़े अहम मुद्दों पर सच्चाई छिपा रही है और देश की आर्थिक तथा विदेश नीति दोनों ही मोर्चों पर विफल साबित हो रही है।

प्रमोद तिवारी ने कहा कि अयोध्या में गैस सिलेंडर की कमी के कारण “राम रसोई” जैसी योजनाएं प्रभावित हो रही हैं, जो सरकार की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री Manmohan Singh के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय 45 दिनों के ईंधन भंडारण (फ्यूल रिजर्व) की नीति अपनाई गई थी, जिससे आपात स्थितियों में देश को राहत मिलती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार उस स्तर की तैयारी नहीं कर सकी है।

कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री Narendra Modi पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें “नेतागिरी का शौक” है, लेकिन जमीनी मुद्दों पर ठोस काम नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को वास्तविक समस्याओं के समाधान पर ध्यान देना चाहिए।

विदेश नीति के मुद्दे पर भी तिवारी ने सवाल उठाते हुए कहा कि भारत लंबे समय से मध्य-पूर्व देशों पर ऊर्जा आपूर्ति के लिए निर्भर रहा है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय संबंधों को संतुलित बनाए रखना बेहद आवश्यक है। उन्होंने इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को चिंताजनक बताते हुए कहा कि यदि हालात और बिगड़ते हैं तो भारत में गैस और ईंधन की गंभीर समस्या पैदा हो सकती है।

कांग्रेस नेता ने तंज कसते हुए कहा कि “गटर से गैस बनाने” जैसे बयान व्यवहारिक नहीं हैं और सरकार को धरातल पर ठोस समाधान प्रस्तुत करने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की गलत नीतियों का खामियाजा देश की 140 करोड़ जनता को भुगतना पड़ रहा है।

इस दौरान प्रमोद तिवारी ने बताया कि वह पिछले करीब 40 वर्षों से नियमित रूप से Vindhyachal Dham स्थित मां विंध्यवासिनी के दरबार में दर्शन के लिए आते रहे हैं, हालांकि कोरोना काल के दौरान यह क्रम कुछ समय के लिए बाधित हुआ था। उन्होंने मां विंध्यवासिनी से देश, प्रदेश और समाज की सुख-समृद्धि तथा शांति की कामना की।