अब घर बैठे मिलेगा गंगोत्री का गंगाजल, डाकघरों के माध्यम से शुरू हुई विशेष सेवा

प्रधान डाकघर फतेहपुर में गंगाजल वितरण के लिए अलग से काउंटर बनाया गया है, जहां से लोग आसानी से गंगाजल प्राप्त कर रहे हैं।

अब घर बैठे मिलेगा गंगोत्री का गंगाजल, डाकघरों के माध्यम से शुरू हुई विशेष सेवा
PUBLISHED BY MANOJ KUMAR

फतेहपुर से भीम शंकर की रिपोर्ट —

फतेहपुर/जनमत न्यूज। श्रद्धालुओं को अब गंगाजल लाने के लिए उत्तराखंड स्थित गंगोत्री तक लंबी यात्रा करने की आवश्यकता नहीं होगी। नवरात्रि के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं की सुविधा और आस्था को ध्यान में रखते हुए भारतीय डाक विभाग ने एक सराहनीय पहल शुरू की है, जिसके तहत गंगोत्री का पवित्र गंगाजल डाकघरों के माध्यम से उपलब्ध कराया जा रहा है।

पहले श्रद्धालुओं को गंगाजल लाने के लिए हजारों रुपये खर्च कर लगभग एक हजार किलोमीटर की यात्रा कर गंगोत्री जाना पड़ता था, लेकिन अब यह पवित्र जल आसानी से स्थानीय डाकघरों में उपलब्ध हो रहा है। इससे श्रद्धालुओं को समय और धन दोनों की बचत होगी और वे अपने धार्मिक अनुष्ठानों, पूजा-पाठ और शुभ कार्यों में गंगाजल का उपयोग कर सकेंगे।

प्रधान डाकघर फतेहपुर में गंगाजल वितरण के लिए अलग से काउंटर बनाया गया है, जहां से लोग आसानी से गंगाजल प्राप्त कर रहे हैं। गंगोत्री और ऋषिकेश से संग्रहित गंगाजल 250 मिलीलीटर की बोतल में उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसकी कीमत मात्र 30 रुपये निर्धारित की गई है।

डाक अधीक्षक रमेश यादव ने बताया कि यह भारत सरकार की एक अनोखी और सराहनीय पहल है। हिंदू धर्म में भगवान को अर्पित करने के लिए गंगोत्री का गंगाजल अत्यंत पवित्र और शुद्ध माना जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए सभी डाकघरों में गंगोत्री का गंगाजल उपलब्ध कराया गया है, जिसकी कीमत 30 रुपये रखी गई है।

उन्होंने बताया कि यदि कोई व्यक्ति डाकघर नहीं आ सकता है, तो वह ऑनलाइन माध्यम से भी पोस्ट ऑफिस की वेबसाइट पर जाकर गंगाजल का ऑर्डर कर सकता है। यह सेवा घर बैठे ही उपलब्ध होगी और गंगाजल सीधे उनके घर तक पहुंचा दिया जाएगा।

इसके अलावा भारतीय डाक विभाग ने एक और विशेष सेवा शुरू की है, जिसके तहत देश के बड़े धार्मिक स्थलों का प्रसाद मात्र 251 रुपये के ई-मनी ऑर्डर के माध्यम से घर बैठे उपलब्ध कराया जा रहा है। यह प्रसाद मंदिरों में भगवान को अर्पित किए जाने के बाद श्रद्धालुओं तक पहुंचाया जाता है।

डाक विभाग की इस पहल को श्रद्धालुओं द्वारा काफी सराहा जा रहा है। इससे आस्था और सुविधा का सुंदर संगम देखने को मिल रहा है। भारतीय डाक विभाग का यह प्रयास न केवल धार्मिक भावनाओं का सम्मान करता है, बल्कि आधुनिक सेवाओं के माध्यम से परंपराओं को भी सशक्त बनाने का कार्य कर रहा है।