हाथरस: स्कूलों के सामने कीचड़ और दलदल पर ADHR ने उठाई आवाज, प्रभारी BSA को सौंपा ज्ञापन

उप्र के हाथरस जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी विद्यालयों के सामने बदहाल रास्तों और मूलभूत सुविधाओं की समस्या को लेकर एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक ह्यूमन राइट्स (ADHR) ने आवाज उठाई।

हाथरस: स्कूलों के सामने कीचड़ और दलदल पर ADHR ने उठाई आवाज, प्रभारी BSA को सौंपा ज्ञापन
Published By- Diwaker Mishra

हाथरस से होमेश कुमार मिश्रा की रिपोर्ट

हाथरस/जनमत न्यूज़। उप्र के हाथरस जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी विद्यालयों के सामने बदहाल रास्तों और मूलभूत सुविधाओं की समस्या को लेकर एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक ह्यूमन राइट्स (ADHR) ने आवाज उठाई।

संगठन के राष्ट्रीय महासचिव प्रवीन वार्ष्णेय के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने प्रभारी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी गिरिराज सिंह को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की।

ज्ञापन में पूर्व माध्यमिक विद्यालय नगला मथु, मुरसान तथा प्राथमिक विद्यालय जंगला, सादाबाद के मुख्य प्रवेश मार्गों की बदहाल स्थिति का उल्लेख किया गया। एडीएचआर के अनुसार नगला मथु विद्यालय के मुख्य गेट के सामने बारिश के बाद कीचड़ और दलदल की स्थिति बन जाती है। इससे छात्र-छात्राओं को विद्यालय आने-जाने में परेशानी होती है और फिसलकर गिरने का खतरा बना रहता है।

वहीं, जंगला स्थित प्राथमिक विद्यालय के मुख्य गेट के सामने जलभराव, कीचड़ और गहरे गड्ढों के कारण बच्चों के साथ-साथ ग्रामीणों और राहगीरों को भी आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। संगठन के मुताबिक यह मार्ग ग्रामीणों के लिए महत्वपूर्ण बाईपास मार्ग है, जिस पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होता है।

ADHR ने मांग की कि दोनों विद्यालयों के सामने से तत्काल कीचड़ और दलदल हटाकर रास्तों को आवागमन योग्य बनाया जाए। साथ ही स्थायी समाधान के लिए पक्का मार्ग तथा उचित जल निकासी और नाली की व्यवस्था कराई जाए। संगठन ने दोनों विद्यालयों का स्थलीय निरीक्षण कराकर वहां उपलब्ध अन्य मूलभूत सुविधाओं की भी जांच कराने की मांग की।

राष्ट्रीय महासचिव प्रवीन वार्ष्णेय ने कहा कि सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। बच्चों को कीचड़ और दलदल से होकर विद्यालय पहुंचने के लिए मजबूर होना गंभीर चिंता का विषय है।

ADHR ने ज्ञापन के माध्यम से संबंधित अधिकारियों से अविलंब कार्रवाई कर स्थायी समाधान सुनिश्चित करने की मांग की। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय में समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो बच्चों के अधिकार और जनहित के मुद्दे पर लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से आंदोलन किया जाएगा।

एडीएचआर जिलाध्यक्ष कमलकांत दोवराबाल ने कहा, “सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को भी सुरक्षित, स्वच्छ और सम्मानजनक माहौल मिलना उनका संवैधानिक अधिकार है। बच्चों को कीचड़ से होकर स्कूल जाने के लिए मजबूर करना गंभीर चिंता का विषय है।”

इस दौरान प्रभारी BSA गिरिराज सिंह ने ज्ञापन लेकर संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित कर स्थलीय रिपोर्ट तलब करने का आश्वासन दिया। ज्ञापन देने वाले प्रतिनिधिमंडल में एडीएचआर के राष्ट्रीय महासचिव प्रवीन वार्ष्णेय, जिलाध्यक्ष कमलकांत दोवराबाल, जिला कोषाध्यक्ष अनिल अग्रवाल, राजेश वार्ष्णेय सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।