उरई में जनसंघर्ष मोर्चा की मांग, अतिवृष्टि प्रभावित किसानों को तत्काल दिलाई जाय बीमा राहत

उप्र के उरई जनपद में हुई अतिवृष्टि के बाद तिल, उड़द और मूंग की फसलों का व्यापक नुकसान हुआ है, लेकिन मध्यवती क्षति आंकलन न होने से किसान फसल बीमा योजना से वंचित रह गए हैं।

उरई में जनसंघर्ष मोर्चा की मांग, अतिवृष्टि प्रभावित किसानों को तत्काल दिलाई जाय बीमा राहत
Published By- Diwaker Mishra

उरई से सुनील शर्मा की रिपोर्ट

उरई/जनमत न्यूज़। उप्र के उरई जनपद में हुई अतिवृष्टि के बाद तिल, उड़द और मूंग की फसलों का व्यापक नुकसान हुआ है, लेकिन मध्यवती क्षति आंकलन न होने से किसान फसल बीमा योजना से वंचित रह गए हैं। इसी समस्या को लेकर जनसंघर्ष मोर्चा ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर तत्काल सर्वे और राहत की मांग की है।

अतिवृष्टि से फसलों को भारी नुकसान

जालौन जिले में अगस्त-सितंबर के दौरान हुई लगातार और मूसलाधार बारिश ने खेतों को जलमग्न कर दिया। खेतों में पानी भरने से तिल, उड़द और मूंग सहित खरीफ फसलें सड़ने लगीं। कई क्षेत्रों में तो फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गईं, जिससे किसानों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

किसानों का कहना है कि बुंदेलखंड के अन्य जिलों में जहां फसल क्षति का सर्वे किया जा रहा है, वहीं जालौन में अभी तक व्यवस्थित आंकलन नहीं हुआ है। इस कारण प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत मुआवजा पाने की प्रक्रिया रुकी हुई है।

जनसंघर्ष मोर्चा का ज्ञापन और आरोप

जनसंघर्ष मोर्चा के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय पर पहुंचकर सिटी मजिस्ट्रेट सुनील कुमार को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने आरोप लगाया कि एसबीआई इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड और कृषि विभाग के उप निदेशक की मिलीभगत से किसानों को बीमा लाभ से वंचित किया जा रहा है।

ज्ञापन में प्रमुख मांगें शामिल हैं:

पूरे जिले को अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्र घोषित करके तत्काल सर्वे कराया जाए

बीमा कंपनी को निर्देशित किया जाए कि फसल नुकसान का आंकलन शीघ्र किया जाए

जिन फसलों में 50 प्रतिशत से अधिक क्षति हुई हो, उन किसानों को तत्काल राहत दी जाए

एक माह पूर्व पॉलिसी कराने वाले किसानों को भी बीमा कवर में शामिल किया जाए

बुंदेलखंड के अन्य जिलों की तर्ज पर जालौन में भी फसल सर्वे की व्यवस्था की जाए

किसानों की प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई

ज्ञापन सौंपने वालों में चौधरी जय करन सिंह, खरुसा ग्रंथ सिंह कुशवाह, अशोक गुप्ता महावली, रोहित त्रिपाठी, रविन्द्र यादव, दीपशिखा, विनय पाठक, देवेश चौरसिया, अनुज मिश्रा, आदित्य मिश्रा, रवि कुमार, अमित त्रिपाठी, अरविंद कुमार राजपूत, राजीव कुशवाहा, सुदामा बरहा, हरी सिंह राजपूत सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।

 जनसंघर्ष मोर्चा ने चेतावनी दी है कि यदि तत्काल कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन का रूप और उग्र होगा। किसानों की मांग है कि प्रशासन जल्द से जल्द सर्वे दल भेजकर क्षतिग्रस्त फसलों का आंकलन करे और पीड़ित किसानों को उचित मुआवजा दिलाया जाए।

उधर जिलाधिकारी समीर ने कहा कि किसानों की जो भी मुमकिन मदद होगी वो कराई जाएगी, बीमा कंपनी और उप निदेशक कृषि को आदेशित किया गया है कि पूरे क्षेत्र का शीघ्र फसल का आंकलन किया जाय यह आंकलन कंपनी अपने सर्वेयर से कराईगी उन्होंने कहा कि किसान को नुकसान की भरपाई कराने का प्रयास जिला प्रशासन करेगा।