कौशांबी: चिता के साथ ही खत्म होती है अपराध की दुनिया, हिस्ट्रीशीटर के मौत के बाद नष्ट कराया गया खाका
उप्र की कौशांबी पुलिस द्वारा जलाए जा रहे हैं यह दस्तावेज कोई आम दस्तावेज नहीं बल्कि ऐसे अपराधियों का खाका है जो हिस्ट्री सीटर में तब्दील हो चुके थे.
कौशांबी से राहुल भट्ट की रिपोर्ट
कौशांबी/जनमत न्यूज़। उप्र की कौशांबी पुलिस द्वारा जलाए जा रहे हैं यह दस्तावेज कोई आम दस्तावेज नहीं बल्कि ऐसे अपराधियों का खाका है जो हिस्ट्री सीटर में तब्दील हो चुके थे जिनके अपराधों की कहानी पुलिस के लिए चुनौती बन चुकी थी इन्होंने एक के बाद एक कई अपराध करके अपना नाम हिस्ट्रीशीटरों की लिस्ट में दर्ज करा दिया था।
अपराधी के एक-एक अपराध की कहानी को बयां करता हुआ यह धुआं समाज के लिए एक नसीहत है जिसे पुलिस ने अपराधी के जीवन के समाप्त होने के बाद उसके अपराधों के रिकॉर्ड को भी जला दिया और समाज से एक जागरूक अपील भी की है कि अपने सगे संबंधियों व पारिवारिक जनों को अपराध के रास्ते पर जाने से रोके क्योंकि अपराधी के एक-एक अपराध का खाका पुलिस रिकॉर्ड करती है जो कि उसके पूरे जीवन तक प्रचलित रहता है जिसके चलते पुलिस ताउम्र उसपर निगरानी रखती है।
हिस्ट्रीशीटर मंजूर हसन पर अपहरण, हत्या, गैंगस्टर जैसे तकरीबन आधा दर्जन मुकदमे थे दर्ज
दो हिस्ट्री सीटर जिनके रिकॉर्ड आज पुलिस ने खाक कर दिए उनमें से एक 2009 के बहुचर्चित हत्याकांड से जुड़े हिस्ट्री सीटर मंजूर हसन पुत्र स्वा अब्दुल हसन का था जोकि गाजी का पूरा थाना सैनी जनपद कौशांबी का रहने वाला था, 22/05/2009 को हुए अशोक केसरवानी हत्याकांड ने सिराथू सहित पूरे जनपद को हिलाकर रख दिया था।
जिसपर प्रदेश के मौजूदा डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने उस वक्त इस हत्याकांड को लेकर एक बड़ा आंदोलन करते हुए प्रदेश की मायावती सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया था, जिसके चलते पुलिस ने घटना के चार दिन बाद गाज़ी का पूरा स्थित खुर्शीद अहमद की पावर मील के सेफ्टी टैंक से मृतक अशोक केसरवानी का शव बरामद करते हुए घटना का खुलासा किया था
तो वहीं दूसरा हिस्ट्री सीटर थाना सैनी क्षेत्र के जफरपुर का रहने वाला बंटा पुत्र शिवमंगल है जिसने 90 के दशक में चोरी, लूट, गुंडागर्दी जैसे तकरीबन आधा दर्जन मुकदमे दर्ज थे, जिसके चलते पुलिस ने उसे हिस्ट्री सीटर घोषित कर दिया था, पुलिस के मुताबिक मौजूदा समय में थाना सैनी में तकरीबन 90 हिस्ट्री सीटर मौजूद हैं तो वही एक अन्य की मौत हो गई है जिसकी हिस्ट्री शीटर खाका नष्ट करने के लिए कार्यवाही प्रचलित है।
सैनी थाना प्रभारी धर्मेंद्र सिंह की लोगों से जागरूक अपील
दोनों हिस्ट्री सीटर का खाका नष्ट करने के बाद सैनी थाना प्रभारी धर्मेंद्र सिंह ने क्षेत्र के लोगों से जागरूक अपील की है। उनका कहना था कि अपने तथा अपने पारिवारिक सदस्यों को अपराध की ओर जाने से रोकने का प्रत्येक संभव प्रयास करें, क्योंकि एक बार आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त होने के बाद आपका आपराधिक रिकॉर्ड तैयार किया जाता है,
जो अपराधी के पूरे जीवन काल तक प्रचलित रहता है, अपराधी की मृत्यु के उपरांत ही उक्त अपराधिक रिकॉर्ड/हिस्ट्रीशीट नष्ट की जाती है, इसी आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए अपराधी की जीवन भर निगरानी की जाती है।
इसलिए सभी स्वयं तथा अपने पारिवारिक सदस्यों को किसी भी प्रकार के अपराधों में संलिप्त होने से रोकने का हर संभव प्रयास किया जाना चाहिए तथा अपने आप को अपराध से दूर रखना चाहिए।

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