रायबरेली: पहचान नहीं मिली, फिर भी सम्मानजनक विदाई; रहमान फाउंडेशन ने निभाया इंसानियत का फर्ज
उप्र के रायबरेली जनपद में एक बार फिर इंसानियत की ऐसी मिसाल देखने को मिली, जिसने मानव सेवा की भावना को जीवंत कर दिया।
रायबरेली से महताब खान की रिपोर्ट
रायबरेली/जनमत न्यूज़। उप्र के रायबरेली जनपद में एक बार फिर इंसानियत की ऐसी मिसाल देखने को मिली, जिसने मानव सेवा की भावना को जीवंत कर दिया। पहचान न होने के बावजूद एक अज्ञात व्यक्ति के शव को रहमान फाउंडेशन ने पूरे सम्मान और मुस्लिम रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम विदाई दी।
जानकारी के मुताबिक, शहर के इंदिरा गार्डन के पास रेलवे ट्रैक पर संदिग्ध परिस्थितियों में एक व्यक्ति का शव मिला था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया और काफी प्रयासों के बाद भी उसकी पहचान नहीं हो सकी।
इसके बाद शहर कोतवाली पुलिस ने शव रहमान फाउंडेशन को सौंप दिया। फाउंडेशन के सदस्यों ने धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए सबसे पहले शव का गुस्ल कराया, फिर कफन पहनाया और पुलिस की मौजूदगी में कब्रिस्तान ले जाकर सुपुर्द-ए-खाक किया।
अंतिम संस्कार के दौरान फाउंडेशन के अध्यक्ष आजाद खान, अजहर मिर्जा, मोहम्मद यूसुफ, तबरेज अंसारी, अमन खान समेत अन्य सदस्य मौजूद रहे।
रहमान फाउंडेशन वर्षों से लावारिस और अज्ञात शवों के सम्मानजनक अंतिम संस्कार का कार्य कर रहा है। संस्था का कहना है कि हर इंसान सम्मानजनक विदाई का हकदार है, चाहे उसकी पहचान हो या नहीं।
स्थानीय लोगों ने फाउंडेशन की इस मानवीय पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्य समाज में सेवा, संवेदना और इंसानियत का संदेश देते हैं।


