महाराजगंज: तेज बहाव वाली नहर में कूदे दो छात्र, बचाई महिला की जान; एसपी ने किया सम्मानित

उप्र के महराजगंज जनपद में नहर में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही एक महिला के लिए कक्षा 10 के दो छात्र उस वक्त देवदूत बनकर सामने आए, जब उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना तेज बहाव वाली नहर में छलांग लगा दी।

महाराजगंज: तेज बहाव वाली नहर में कूदे दो छात्र, बचाई महिला की जान; एसपी ने किया सम्मानित
Published By- Diwaker Mishra

महाराजगंज से विजय चौरसिया की रिपोर्ट

महराजगंज/जनमत न्यूज़। उप्र के महराजगंज जनपद में नहर में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही एक महिला के लिए कक्षा 10 के दो छात्र उस वक्त देवदूत बनकर सामने आए, जब उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना तेज बहाव वाली नहर में छलांग लगा दी।

दोनों छात्रों ने अदम्य साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए महिला को सुरक्षित बाहर निकालकर उसकी जिंदगी बचा ली। उनके इस साहसिक और मानवीय कार्य की क्षेत्र में जमकर सराहना हो रही है।

मामला निचलौल थाना क्षेत्र का है। महिला के नहर में कूदने की सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल मौके के लिए रवाना हुई। हालांकि, पुलिस के पहुंचने से पहले ही घटनास्थल पर मौजूद मसीह सेवाश्रम इंटर कॉलेज के कक्षा 10 के दो छात्रों ने मानवता की मिसाल पेश कर दी।

कृष्णा गुप्ता, निवासी सेखुई, थाना चौक और सद्दाम हुसैन, निवासी कोहड़वल, थाना निचलौल ने बिना अपनी जान की परवाह किए तेज बहाव वाली नहर में उतरकर महिला को बचाने का प्रयास शुरू कर दिया। जोखिम भरे हालात के बीच दोनों छात्रों ने हिम्मत नहीं हारी और आखिरकार महिला को सकुशल नहर से बाहर निकाल लिया।

दोनों किशोरों की इस बहादुरी ने न केवल एक जिंदगी बचाई, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि उम्र छोटी हो सकती है, लेकिन हौसला बड़ा हो तो इंसानियत की बड़ी मिसाल कायम की जा सकती है।

एसपी ने सम्मानित कर बढ़ाया हौसला

छात्रों के इस साहसिक कार्य को पुलिस प्रशासन ने भी गंभीरता से लेते हुए उनकी सराहना की। 12 सितंबर 2026 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में विशेष रूप से दोनों छात्रों को बुलाया गया, जहां पुलिस अधीक्षक महराजगंज शक्ति मोहन अवस्थी ने उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

इस दौरान एसपी ने दोनों छात्रों के साहस और निस्वार्थ भाव से किए गए कार्य की मुक्त कंठ से प्रशंसा की तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

पुलिस अधीक्षक महराजगंज ने कहा कि संकट की घड़ी में दोनों छात्रों ने जिस तरह बिना किसी स्वार्थ के अपनी जान जोखिम में डालकर महिला की मदद की, वह पूरे समाज के लिए प्रेरणादायक है। उनका यह कार्य दूसरों को भी मुश्किल समय में मानवता के साथ आगे बढ़कर मदद करने की प्रेरणा देता है।

दो किशोरों की हिम्मत ने एक जिंदगी बचाई और पूरे इलाके को यह संदेश दे दिया कि बहादुरी उम्र की मोहताज नहीं होती। जब इरादे मजबूत हों तो छोटी उम्र के हाथ भी किसी की जिंदगी बचाने का बड़ा काम कर सकते हैं।