सावन के पहले सोमवार पर शिवमय हुई अयोध्या, हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजी रामनगरी

उप्र के अयोध्या जनपद में पवित्र श्रावण मास के पहले सोमवार को रामनगरी पूरी तरह शिवमय नजर आई। सुबह ब्रह्ममुहूर्त से ही "हर-हर महादेव" और "बम-बम भोले" के गगनभेदी जयकारों के बीच श्रद्धालुओं का सैलाब भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए उमड़ पड़ा।

सावन के पहले सोमवार पर शिवमय हुई अयोध्या, हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजी रामनगरी
Published By- Diwaker Mishra

अयोध्या से आज़म खान की रिपोर्ट

अयोध्या/जनमत न्यूज़। उप्र के अयोध्या जनपद में पवित्र श्रावण मास के पहले सोमवार को रामनगरी पूरी तरह शिवमय नजर आई। सुबह ब्रह्ममुहूर्त से ही "हर-हर महादेव" और "बम-बम भोले" के गगनभेदी जयकारों के बीच श्रद्धालुओं का सैलाब भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए उमड़ पड़ा। हजारों श्रद्धालुओं ने सबसे पहले आस्था की पावन धारा सरयू नदी में स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित किया।

इसके बाद श्रद्धालु सीधे प्राचीन एवं ऐतिहासिक नागेश्वरनाथ मंदिर पहुंचे, जहां भगवान भोलेनाथ का विधि-विधान से जलाभिषेक और पूजन-अर्चन किया। मान्यता है कि इस प्राचीन मंदिर की स्थापना भगवान श्रीराम के पुत्र कुश ने की थी, जिसके कारण सावन के महीने में यहां विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है।

सुबह से ही नागेश्वरनाथ मंदिर सहित शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के शिवालयों में दर्शन और जलाभिषेक के लिए लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं। श्रद्धालु हाथों में गंगाजल, बेलपत्र, धतूरा और पूजा सामग्री लेकर भोलेनाथ के जयकारे लगाते हुए मंदिरों में पहुंचे। भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात के व्यापक इंतजाम किए।

नागेश्वरनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं को चरणबद्ध तरीके से प्रवेश दिया गया, जबकि पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार व्यवस्था पर नजर बनाए रहे ताकि दर्शन-पूजन शांतिपूर्ण और सुचारु रूप से संपन्न हो सके। सावन के पहले सोमवार पर अयोध्या का धार्मिक वातावरण पूरी तरह भक्तिमय रहा।

श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ से सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य, परिवार की खुशहाली और विश्व कल्याण की कामना करते हुए जलाभिषेक किया। पूरे दिन रामनगरी शिवभक्ति और आस्था के रंग में सराबोर दिखाई दी।