मिर्जापुर: विंध्य एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू, किसानों ने मांगा उचित मुआवजा और पुनर्वास

उप्र के मिर्जापुर जनपद में विंध्य एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया के बीच शनिवार को सिटी ब्लॉक क्षेत्र के हुरुआ, देवरी, भेवरकरमनपुर, अर्जुनपुर पाठक व चौरा गांव के दर्जनों ग्रामीण जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे।

मिर्जापुर: विंध्य एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू, किसानों ने मांगा उचित मुआवजा और पुनर्वास
Published By- Diwaker Mishra

मिर्जापुर से आनन्द तिवारी की रिपोर्ट

मिर्जापुर/जनमत न्यूज़। उप्र के मिर्जापुर जनपद में विंध्य एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया के बीच शनिवार को सिटी ब्लॉक क्षेत्र के हुरुआ, देवरी, भेवरकरमनपुर, अर्जुनपुर पाठक व चौरा गांव के दर्जनों ग्रामीण जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे।

किसानों ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर उपजाऊ एवं आवासीय भूमि का उचित मुआवजा देने तथा विस्थापित परिवारों के पुनर्वास की मांग की। किसानों का कहना है कि प्रस्तावित 333 किलोमीटर लंबे विंध्य एक्सप्रेसवे के लिए उनकी बहुफसलीय सिंचित कृषि भूमि के साथ आवासीय भूमि का भी सर्वे और चिह्नांकन किया जा रहा है। किसान विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन भूमि का उचित मूल्यांकन चाहते हैं।

प्रार्थना पत्र में मांग की गई कि NH-37 मेन रोड से सटी तथा पक्की लिंक सड़कों पर स्थित भूमि को कृषि भूमि न मानकर व्यवसायिक दर पर मूल्यांकन किया जाए। किसानों के अनुसार एक्सप्रेसवे का सर्वे एलाइमेंट NH-37 से करीब 100 मीटर दक्षिण किया गया है और लिंक मार्गों के किनारे कई मकान, दुकान एवं अन्य व्यावसायिक निर्माण मौजूद हैं।

किसानों ने मकान, दुकान, बोरवेल, नलकूप और पेड़ों का अलग-अलग विभागों से मूल्यांकन कराकर मुआवजे में शामिल करने की मांग की। साथ ही भूमि अधिग्रहण कानून के अनुसार उचित मुआवजा, 100 प्रतिशत सोलाटियम, ब्याज, पुनर्वास के तहत भूखंड व सहायता तथा परिवार के एक सदस्य को रोजगार अथवा नियमानुसार वार्षिक भत्ते की मांग रखी।

किसानों ने अधिग्रहण से पहले सोशल इम्पैक्ट असेसमेंट (SIA) रिपोर्ट और गाटा-वार नक्शा सार्वजनिक करने की भी मांग कीदर्जनों की संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे.