मुजफ्फरनगर: 'जल है तो कल है' का दावा, जिला चिकित्सालय में मरीजों को पीने का पानी तक नहीं
एक ओर सरकार आमजन को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने और "जल है तो कल है" का संदेश दे रही है, वहीं दूसरी ओर उप्र के मुजफ्फरनगर जनपद के जिला चिकित्सालय में मरीजों को पीने के लिए पानी तक उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।
मुजफ्फरनगर से संजय कुमार की रिपोर्ट
मुजफ्फरनगर/जनमत न्यूज़। एक ओर सरकार आमजन को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने और "जल है तो कल है" का संदेश दे रही है, वहीं दूसरी ओर उप्र के मुजफ्फरनगर जनपद के जिला चिकित्सालय में मरीजों को पीने के लिए पानी तक उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।
जिला चिकित्सालय परिसर में मरीजों और तीमारदारों की सुविधा के लिए लाखों रुपये की लागत से शीतल जल गृह का निर्माण कराया गया था, लेकिन वर्तमान में वहां न तो ठंडा पानी मिल रहा है और न ही सामान्य पीने योग्य पानी की समुचित व्यवस्था है। इससे दूर-दराज से इलाज कराने आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मरीजों और तीमारदारों का कहना है कि प्यास लगने पर उन्हें अस्पताल परिसर में इधर-उधर भटकना पड़ता है। कई लोग मजबूरी में बाहर से पानी खरीदकर पीते हैं, जबकि कुछ लोग बिना पानी पिए ही दवा लेकर वापस लौट जाते हैं।
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि शीतल जल गृह को तत्काल चालू कराया जाए तथा अस्पताल में स्वच्छ पेयजल की नियमित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि मरीजों और उनके परिजनों को मूलभूत सुविधा मिल सके।


