प्रतापगढ़: विधायक राजेंद्र मौर्य की शिकायत पर शासन सख्त, जिला पंचायत की टेंडर प्रक्रिया पर सवाल
उप्र के प्रतापगढ़ जिले में 39 एएनएम सेंटर भवनों के निर्माण के लिए शासन से फरवरी में करीब 16 करोड़ रुपये की धनराशि जिला पंचायत को जारी होने के बावजूद टेंडर प्रक्रिया सवालों के घेरे में है।
प्रतापगढ़ से विकास गुप्ता की रिपोर्ट
प्रतापगढ़/जनमत न्यूज़। उप्र के प्रतापगढ़ जिले में 39 एएनएम सेंटर भवनों के निर्माण के लिए शासन से फरवरी में करीब 16 करोड़ रुपये की धनराशि जिला पंचायत को जारी होने के बावजूद टेंडर प्रक्रिया सवालों के घेरे में है।
महीनों तक टेंडर न निकलने पर सदर विधायक राजेंद्र कुमार मौर्य ने शासन और प्रशासन से शिकायत की। शासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए। इसके बावजूद सदर विधानसभा क्षेत्र में प्रस्तावित दर्जनभर से अधिक एएनएम सेंटर भवनों का टेंडर अब तक नहीं कराया जा सका है।
शिकायत के बाद बढ़ी रार, दूसरे क्षेत्रों के टेंडर निकले
विधायक की शिकायत के बाद जिला पंचायत की ओर से अन्य क्षेत्रों के 24 एएनएम सेंटर भवनों के टेंडर ओपन कर दिए गए, जबकि सदर क्षेत्र के प्रस्तावित भवन अब भी टेंडर प्रक्रिया से बाहर हैं। क्षेत्रवार टेंडर प्रक्रिया में सामने आए इस अंतर को लेकर जिला पंचायत की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि विधायक की शिकायत जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी को नागवार गुजरी और इसका असर उनके क्षेत्र की परियोजनाओं पर दिखाई दे रहा है। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
16 करोड़ की धनराशि के बावजूद इंतजार
शासन से धनराशि जारी हुए कई माह बीत चुके हैं। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब 24 एएनएम सेंटर भवनों के टेंडर खोले जा चुके हैं तो सदर क्षेत्र के भवनों की प्रक्रिया अब तक क्यों अटकी हुई है। क्या इन भवनों के लिए तकनीकी स्वीकृति या अन्य औपचारिकताएं लंबित हैं, अथवा प्रक्रिया में कोई अन्य अड़चन है?
शासन स्तर से शिकायत की जांच के आदेश के बाद अब जांच रिपोर्ट पर सभी की निगाहें टिकी हैं। रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि सदर क्षेत्र के एएनएम सेंटरों की टेंडर प्रक्रिया में देरी की वास्तविक वजह क्या है।




