बहराइच में फिर बढ़ा नदी का जलस्तर, महसी तहसील के कई गाँव हुए जलमग्न; संपर्क मार्ग टूटा

नेपाल में आए विनाशकारी सैलाब और पहाड़ों पर हो रही लगातार मूसलाधार बारिश एक बार फिर मैदानी भागों में रहने वाले लोगों के लिए मुसीबत बन चुकी है।

बहराइच में फिर बढ़ा नदी का जलस्तर, महसी तहसील के कई गाँव हुए जलमग्न; संपर्क मार्ग टूटा
Published By- Diwaker Mishra

बहराइच से रिजवान खान की रिपोर्ट  

बहराइच/जनमत न्यूज़। नेपाल में आए विनाशकारी सैलाब और पहाड़ों पर हो रही लगातार मूसलाधार बारिश एक बार फिर मैदानी भागों में रहने वाले लोगों के लिए मुसीबत बन चुकी है। इसी क्रम में उप्र के बहराइच जिले में लगातार बढ़ रहा घाघरा का जलस्तर ग्रामीण इलाकों में कहर बरपा रहा है।

नदी के बढ़ते जलस्तर की वजह से गांव में बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं। बहराइच जिले की महसी तहसील के कई मजरे बाढ़ से घिर चुके हैं जिसकी वजह से सड़के बड़े नालों में तब्दील हो चुकी हैं।

ग्रामीण इलाकों में पहुंचने का संपर्क मार्ग पूरी तरीके से कट चुका है। जिन रास्तों पर कभी गाड़ियां फर्राटा भरती थी उन रास्तों पर लोगों को नाव का सहारा लेना पड़ रहा है

यूँ तो बाढ़ की वजह से हर वर्ष बहराइच जिले की चार तहसीलें बुरी तरह प्रभावित होती हैं परन्तु इस बार मोतीपुर और महसी तहसील के एक दर्जन से अधिक गाँव और मजरे बढ़ते जलस्तर से लबालब भरे हुए हैं।

मोतीपुर तहसील के धर्मपुर रेतिया, जँगल गुलरिहा, सम्पतपुरवा, सहित कई मजरों के हज़ारों की आबादी प्रभावित हुई तो वहीं वर्तमान समय मे महसी तहसील के पूरे प्रसाद, जोधे पुरवा,महन्त पुरवा, टंच सहित कई गाँव और मजरे घाघरा नदी के बढ़ते सैलाब से घिरे हुए हैं।

आलम ये है कि ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों के सामने बाढ़ एक बड़ी मुसीबत बनकर आ चुकी है एक तरफ फसलें बाढ़ में डूब चुकी हैं वहीं घरों में भीतर सैलाब आने से लोगों की गृहस्थी पूरी तरह तबाह हो गयी है। बाढ़ के पानी के बीच चारपाई को मचान की तरह इस्तेमाल कर लोग किसी तरह जीवन यापन कर रहे हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि गाँव मे पानी भरने के बाद अभी तक राजस्व विभाग का कोई कर्मचारी नही पहुँचा है ना तो किसी की सुधि ली गयी है। ग्रामीणों ने बताया कि तीन चार दिनों से ग्रामीण इलाकों में नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है लेकिन सरकार की तरफ से किसी प्रकार की सहायता अभी नही पहुचाई गयी है।

नाविक स्वामीनाथ ने बताया कि सभी गावों को जाने वाले संपर्क मार्ग पूरी तरह बाढ़ के पानी मे डूब चुके हैं अब केवल नाव ही एक सहारा है जिससे लोग आवागमन के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। लगातार बढ़ रहे हैं जलस्तर की वजह से लोग घबराए हुए हैं सरकार और प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहे हैं।

 बाढ़ की विभीषिका को लेकर उप जिलाधिकारी राजेश अग्रवाल ने बताया कि कई गांव में पानी घुसने और जलस्तर बढ़ने की सूचना प्राप्त हुई है मौके पर लेखपाल और राजस्व निरीक्षक को भेजा गया है वास्तविक स्थिति का जायजा लिया जा रहा है बाहर से मोटर बोट मंगाई गई है ग्रामीणों की हर मदद की जाएगी।