संभल: सावन के प्रथम सोमवार पर शिवभक्तों में दिखा अद्भुत उत्साह, भगवान भोलेनाथ का किया जलाभिषेक

उप्र के संभल जनपद में सावन मास के प्रथम सोमवार पर शिवभक्ति का अद्भुत उत्साह देखने को मिला। दूर-दराज़ से गंगाजल लेकर पहुंचे शिवभक्तों ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया।

संभल: सावन के प्रथम सोमवार पर शिवभक्तों में दिखा अद्भुत उत्साह, भगवान भोलेनाथ का किया जलाभिषेक
Published By- Diwaker Mishra

संभल से रामव्रेश यादव की रिपोर्ट

संभल/जनमत न्यूज़। उप्र के संभल जनपद में सावन मास के प्रथम सोमवार पर शिवभक्ति का अद्भुत उत्साह देखने को मिला। दूर-दराज़ से गंगाजल लेकर पहुंचे शिवभक्तों ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया।

मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं। वहीं, श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। संभल में सावन के प्रथम सोमवार को शिव मंदिर सादातबाड़ी में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा।

हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालु गंगाजल लेकर मंदिर पहुंचे और भगवान शिव का विधि-विधान से जलाभिषेक कर परिवार की सुख-समृद्धि और देश की खुशहाली की कामना की। मंदिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं।

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए है  मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात रहा।

सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी की गई। इसके साथ ही बैरिकेडिंग, पार्किंग और श्रद्धालुओं के आवागमन की समुचित व्यवस्था की गई, ताकि दर्शन और जलाभिषेक के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो।

प्रशासनिक अधिकारियों ने भी समय-समय पर व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। श्रद्धालुओं ने भी प्रशासन की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए शांतिपूर्ण ढंग से भगवान भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक किए।

रमन गिरी गोस्वामी ने बताया कि वह इस समय संभल के सादात बाड़ी स्थित प्राचीन शिव मंदिर में हैं, जहां सावन माह के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंच रहे हैं। श्रद्धालु पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ बेलपत्र अर्पित कर जलाभिषेक कर रहे हैं तथा भगवान शिव उनकी मनोकामनाएं पूर्ण कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि सावन माह के पूरे महीने, विशेष रूप से त्रयोदशी और द्वादशी के अवसर पर यहां विशाल मेले का आयोजन होता है। एक माह तक लगातार जलाभिषेक का क्रम चलता है और दूर-दराज़ से शिवभक्त बाबा के दर्शन के लिए आते हैं।

रमन गिरी गोस्वामी ने कहा कि जो भी श्रद्धालु सच्ची श्रद्धा और विश्वास के साथ भगवान भोलेनाथ से प्रार्थना करता है, उसकी मनोकामना अवश्य पूर्ण होती है। उन्होंने यह भी बताया कि इस मंदिर में श्रद्धालु झाड़ू चढ़ाने की भी परंपरा निभाते हैं।

मान्यता है कि चर्म रोग सहित अन्य कष्टों से मुक्ति की कामना लेकर लोग यहां झाड़ू का दान करते हैं। उन्होंने बताया कि सादात बाड़ी स्थित बालाजी मंदिर भी लगभग 125 वर्ष पुराना माना जाता है और यह मंदिर क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र है।