सीतापुर: आरोग्यम हॉस्पिटल पर हुए हंगामे में एम्बुलेंस चालक ने परिजनों पर लगाए गंभीर आरोप, जानें पूरा मामला

उप्र के सीतापुर जनपद में शुक्रवार शाम आरोग्यम हॉस्पिटल, बट्सगंज में हुए हंगामे ने पूरे मामले को चर्चा का विषय बना दिया है।

सीतापुर: आरोग्यम हॉस्पिटल पर हुए हंगामे में एम्बुलेंस चालक ने परिजनों पर लगाए गंभीर आरोप, जानें पूरा मामला

सीतापुर से अनूप पाण्डेय की रिपोर्ट

सीतापुर/जनमत न्यूज़। उप्र के सीतापुर जनपद में शुक्रवार शाम आरोग्यम हॉस्पिटल, बट्सगंज में हुए हंगामे ने पूरे मामले को चर्चा का विषय बना दिया है।

एक ओर मृतका कंचनी देवी के परिजन अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही और कथित धन वसूली के गंभीर आरोप लगा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर अब उस एम्बुलेंस चालक का बयान सामने आया है, जिसने कंचनी देवी को लखनऊ से सीतापुर पहुंचाया था।

चालक के दावों ने पूरे घटनाक्रम को नया मोड़ दे दिया है। एम्बुलेंस चालक, जो हरदोई जनपद का निवासी बताया जा रहा है, ने दावा किया कि 29 मई को उसे लखनऊ के एक निजी अस्पताल से मरीज को सीतापुर लाने के लिए बुलाया गया था।

उसके अनुसार परिजनों ने अपनी जिम्मेदारी पर मरीज को अस्पताल से डिस्चार्ज कराया और सीतापुर के लिए रवाना हुए। चालक का कहना है कि रास्ते में परिजनों ने उसे बताया कि पहले आरोग्यम हॉस्पिटल जाना है, जहां उन्हें अस्पताल प्रबंधन से कुछ पैसे लेने हैं।

चालक के मुताबिक यात्रा के दौरान परिजनों की लगातार किसी व्यक्ति से फोन पर बातचीत हो रही थी, जिससे उसे संदेह हुआ कि वे किसी विशेष योजना के तहत कार्य कर रहे हैं। उसने आरोप लगाया कि सिधौली और कमलापुर के बीच किसी समय मरीज को दी जा रही ऑक्सीजन हटा दी गई।

चालक का कहना है कि सीतापुर पहुंचने से पहले जब मरीज की सांसें तेज चलने लगीं तो उसने देखा कि ऑक्सीजन सपोर्ट बंद था। इस पर उसने एम्बुलेंस रोककर ऑक्सीजन दोबारा लगाने की बात कही।

चालक के अनुसार उसी दौरान आगे बैठे एक युवक ने किसी व्यक्ति से फोन पर बात कराई, जिसने स्वयं को प्रधान बताते हुए उसे बिना रुके सीधे आरोग्यम हॉस्पिटल पहुंचने को कहा। चालक का दावा है कि उसे धमकाया भी गया।

इसके बाद चालक मरीज को लेकर सीधे आरोग्यम हॉस्पिटल पहुंचा, लेकिन उसके अनुसार तब तक मरीज की सांसें थम चुकी थीं। एम्बुलेंस चालक ने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल पहुंचने के बाद परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया।

उसका कहना है कि जब वह वहां से निकल रहा था तो कुछ लोगों ने उसे रास्ते में रोक लिया, उसके साथ मारपीट की और भविष्य में सीतापुर आने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। चालक के इन आरोपों के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

कंचनी देवी की मौत की वजह परिजनों का लालच या अस्पताल की लापरवाही

जहां एक तरफ अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया गया वही प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो परिजनों के द्वारा बहुत देर तक अस्पताल में हंगामा काटा गया लेकिन प्रशासन के बार-बार कहने पर भी लिखित शिकायत देने से इनकार किया गया।

वही यदि प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो हंगामा होने के बाद जब जिलाधिकारी के द्वारा टीम का गठन किया गया तो टीम के सामने परिजनों ने लिखित शिकायत देने के बजाए मुआवजे की मांग की जा रही थी। जिससे कही न कही परिजनों पर भी संदेह होना लाजिमी है।