योगी सरकार ने लिए पीसीएस अधिकारीयों के खिलाफ बड़ा एक्शन
प्रमुख सचिव नियुक्ति एम देवराज की ओर से गुरुवार को इस संबंध में निलंबन आदेश जारी किया गया। जिलाधिकारी चंदौली पं दीन दयाल उपाध्याय नगर में तहसील स्तर पर उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2006 की धारा 67 (1) के निस्तारित पत्रावालियों की जांच में पाया कि तसीलदारों द्वारा बेदखली की 20 नोटिस को वापस ले लिया गया है। ये भूमि खलिहान, चकमार्ग, कब्रिस्तान, नवीन परती और बंजर श्रेणी की बेशकीमती हैं।
लखनऊ (जनमत) :- पीसीएस अफसरों के खिलाफ योगी सरकार ने तगड़ा ऐक्शन लिया है। चंदौली में पं. दीन दयाल उपध्याय नगर में 20 आरसी प्रपत्र नोटिस जारी होने के बाद भी वापस लिए जाने के आरोप में तीन पीसीएस अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। विराग पांडेय मौजूदा समय एसडीएम गाजियाबाद, लालता प्रसाद एसडीएम बुलंदशहर और सतीश कुमार एसडीएम एटा में तैनात हैं। ये तीनों अधिकारी चंदौली में तहसीलदार के पद पर तैनात थे। निलंबन अवधि में तीनों राजस्व परिषद से संबद्ध रहेंगे।
प्रमुख सचिव नियुक्ति एम देवराज की ओर से गुरुवार को इस संबंध में निलंबन आदेश जारी किया गया। जिलाधिकारी चंदौली पं दीन दयाल उपाध्याय नगर में तहसील स्तर पर उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2006 की धारा 67 (1) के निस्तारित पत्रावालियों की जांच में पाया कि तसीलदारों द्वारा बेदखली की 20 नोटिस को वापस ले लिया गया है। ये भूमि खलिहान, चकमार्ग, कब्रिस्तान, नवीन परती और बंजर श्रेणी की बेशकीमती हैं।
जिलाधिकारी ने इसके लिए एडीएम (न्यायिक) चंदौली, एसडीएम चकिया और अतिरिक्त एसडीएम चंदौली की तीन सदस्यीय समिति बनाते हुए इसकी जांच कराई गई। इसमें पाया गया कि तत्कालीन तहसीलदार विराग पांडेय मौजूदा समय एसडीएम गाजियाबाद, तत्कालीन पीठासीन अधिकारी लालता प्रसाद मौजूदा समय एसडीएम बुलंदशहर और तत्कालीन पीठासीन अधिकारी मौजूदा समय एसडीएम एटा सतीश कुमार ने अपने दायित्वों का निर्वहन ठीक से नहीं किया। इनके द्वारा की गई गड़बड़ी की वजह से सार्वजनिक गांव सभा व अररक्षित श्रेणी की भूमि पर अतिक्रमण करने वालों के पक्ष में आदेश भी पारित किए गए।

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