राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने माँ पाटेश्वरी राज्य विश्वविद्यालय के निर्माणाधीन परिसर का किया निरीक्षण
राज्यपाल ने सबसे पहले विश्वविद्यालय परिसर स्थित कुलाधिपति वाटिका में मौलिसरी का पौधरोपण किया। इसके बाद उन्होंने परिसर में निर्माणाधीन सरोवर का नामकरण “कुलाधिपति सरोवर” किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्रशासनिक भवन, अकादमिक भवन, कुलपति आवास सहित अन्य निर्माणाधीन संरचनाओं का जायजा लिया और निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की
गुलाम नबी की रिपोर्ट...
बलरामपुर (जनमत) :- उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल मंगलवार को एकदिवसीय दौरे पर बलरामपुर पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने माँ पाटेश्वरी राज्य विश्वविद्यालय के निर्माणाधीन परिसर का स्थलीय निरीक्षण किया और कलेक्ट्रेट में आयोजित एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रम में भाग लेकर जागरूकता का संदेश दिया।राज्यपाल ने सबसे पहले विश्वविद्यालय परिसर स्थित कुलाधिपति वाटिका में मौलिसरी का पौधरोपण किया। इसके बाद उन्होंने परिसर में निर्माणाधीन सरोवर का नामकरण “कुलाधिपति सरोवर” किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्रशासनिक भवन, अकादमिक भवन, कुलपति आवास सहित अन्य निर्माणाधीन संरचनाओं का जायजा लिया और निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। कार्यों की गुणवत्ता पर संतोष जताते हुए उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी निर्माण कार्य समयबद्ध, पारदर्शी और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं, ताकि विश्वविद्यालय उच्च शिक्षा का मजबूत केंद्र बन सके।
इसके बाद राज्यपाल कलेक्ट्रेट पहुंचीं, जहां उन्होंने एचपीवी टीकाकरण कैंप का निरीक्षण किया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया और कार्यक्रम की सराहना की। इस शिविर में 100 बच्चियों का टीकाकरण किया गया।
अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि बेटियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए सरकार विशेष अभियान चलाकर एचपीवी टीकाकरण करवा रही है।
उन्होंने बताया कि 9 से 14 वर्ष की आयु की बच्चियों को दो डोज दिए जाने से वे लगभग 95 प्रतिशत तक सुरक्षित रह सकती हैं, जबकि यह टीका 26 वर्ष की आयु तक लिया जा सकता है। उन्होंने उद्योगों और निजी कंपनियों से भी ऐसे जनकल्याणकारी कार्यक्रमों में सहयोग की अपील की।
राज्यपाल ने अभिभावकों से कहा कि वे अपने बच्चों को अनिवार्य रूप से आंगनबाड़ी और स्कूल भेजें। उन्होंने बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं पर रोक लगाने और ट्रांसजेंडर बच्चों के साथ भेदभाव न करने की बात कही। साथ ही उन्होंने नई शिक्षा नीति के तहत लचीली शिक्षा व्यवस्था की सराहना की, जिसमें छात्र अब अपनी रुचि के अनुसार विषय चुन सकते हैं।कार्यक्रम के अंत में राज्यपाल ने बच्चियों को पोषण किट और टीबी मरीजों को पोषण पोटली वितरित की।


