औरैया: तिलक व आजाद की जयंती पर राष्ट्रभक्ति का संदेश, युवाओं से देशहित में आगे आने का आह्वान

उप्र के औरैया जनपद के रामगढ़ कस्बा स्थित पालीवाल गेस्ट हाउस में गुरुवार को चंद्रशेखर आजाद युवा सेना के बैनर तले भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महानायक लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक एवं अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की जयंती श्रद्धा, सम्मान और राष्ट्रभक्ति के भाव के साथ मनाई गई।

औरैया: तिलक व आजाद की जयंती पर राष्ट्रभक्ति का संदेश, युवाओं से देशहित में आगे आने का आह्वान
Published By- Diwaker Mishra

औरैया से अरुण वाजपेयी की रिपोर्ट

औरैया/जनमत न्यूज़। उप्र के औरैया जनपद के रामगढ़ कस्बा स्थित पालीवाल गेस्ट हाउस में गुरुवार को चंद्रशेखर आजाद युवा सेना के बैनर तले भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महानायक लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक एवं अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की जयंती श्रद्धा, सम्मान और राष्ट्रभक्ति के भाव के साथ मनाई गई।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ताओं, युवाओं एवं गणमान्य नागरिकों ने भाग लेकर दोनों महान विभूतियों को श्रद्धासुमन अर्पित किए।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि कांग्रेस पार्टी के महासचिव अंशू तिवारी द्वारा लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक एवं चंद्रशेखर आजाद के चित्रों पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने राष्ट्रगान के साथ महान स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।

अपने संबोधन में मुख्य अतिथि अंशू तिवारी ने देश के वर्तमान सामाजिक एवं राजनीतिक परिदृश्य पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि देश के युवाओं की आवाज को लोकतांत्रिक तरीके से सुना जाना चाहिए।

उन्होंने जंतर-मंतर, नई दिल्ली में चल रहे छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि लोकतंत्र में संवाद और संवेदनशीलता सर्वोपरि होनी चाहिए। उन्होंने युवाओं से संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रहित के प्रति सजग रहने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित वैश्विक मानवाधिकार एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. इफ्तिखार हसन ने लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि तिलक केवल एक स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं, बल्कि एक विलक्षण चिंतक, ओजस्वी लेखक, निर्भीक पत्रकार और राष्ट्रवादी विचारधारा के प्रबल समर्थक थे।

उन्होंने कहा कि तिलक द्वारा दिया गया उद्घोष "स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूँगा" आज भी प्रत्येक भारतीय के लिए प्रेरणास्रोत बना हुआ है। डॉ. हसन ने अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद को याद करते हुए कहा कि उनका साहस, त्याग, राष्ट्रभक्ति और अदम्य आत्मविश्वास आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा।

उन्होंने कहा कि आजाद ने अपने प्राणों की आहुति देकर देश की स्वतंत्रता के लिए जो बलिदान दिया, उसे देश कभी भुला नहीं सकता। इस अवसर पर रामजी मिश्रा, शिव कुमार दुबे एवं गिरीश चंद्र दुबे सहित अन्य वक्ताओं ने भी दोनों महान स्वतंत्रता सेनानियों के जीवन संघर्ष, विचारों एवं राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला।

वक्ताओं ने कहा कि आज के युवाओं को महान क्रांतिकारियों के जीवन से प्रेरणा लेकर समाज और राष्ट्र के विकास में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व प्रधान उदयभान सिंह जादौन ने की, जबकि मंच संचालन पूर्व प्रधानाचार्य अरुण कुमार त्रिपाठी ने प्रभावशाली ढंग से किया।

कार्यक्रम के आयोजक एवं चंद्रशेखर आजाद युवा सेना के अध्यक्ष भानु तिवारी ने मुख्य अतिथि एवं सभी विशिष्ट अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत एवं सम्मान किया।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन नई पीढ़ी में राष्ट्रप्रेम, देशभक्ति और महापुरुषों के आदर्शों के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।

कार्यक्रम में वहीद अहमद, पप्पू पांडे, सतीश दुबे, नरेंद्र कुशवाहा, रईस अहमद, सत्तार अली, जयचंद्र शाक्य, आकाश शर्मा, आशीष दुबे, नंद किशोर दुबे, ओमजी, अमित रघुवंशी, शिवा, यूनिस खान, करत शर्मा, सत्यवीर सिंह यादव, रिंकल सहित क्षेत्र के सैकड़ों गणमान्य नागरिक एवं युवा उपस्थित रहे।

पूरे आयोजन के दौरान राष्ट्रभक्ति के नारों से वातावरण गूंजता रहा तथा सभी ने स्वतंत्रता सेनानियों के बताए मार्ग पर चलकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया।