अयोध्या: विकास का दावा करने वाली ADA के खुद हुई बेनकाब, भरभराकर ढह गईं कार्यालय की सीढ़ियां

दूसरों की इमारतों के निर्माण मानकों की जांच करने वाले अयोध्या विकास प्राधिकरण (ADA) का अपना कार्यालय ही शुक्रवार को सवालों के घेरे में आ गया।

अयोध्या: विकास का दावा करने वाली ADA के खुद हुई बेनकाब, भरभराकर ढह गईं कार्यालय की सीढ़ियां

अयोध्या से आज़म खान की रिपोर्ट

अयोध्या/जनमत न्यूज़। दूसरों की इमारतों के निर्माण मानकों की जांच करने वाले अयोध्या विकास प्राधिकरण (ADA) का अपना कार्यालय ही शुक्रवार को सवालों के घेरे में आ गया। दरअसल, ADA कार्यालय की सीढ़ियां अचानक भरभराकर ढह गईं, जिससे परिसर में अफरा-तफरी मच गई।

संयोग अच्छा रहा कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। घटना के समय नगर विधायक वेद प्रकाश गुप्ता, महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी समेत कई अधिकारी, कोचिंग और लाइब्रेरी संचालक कार्यालय में मौजूद थे। बैठक कुछ देर पहले ही समाप्त हुई थी, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जो प्राधिकरण शहरभर में भवन निर्माण की गुणवत्ता और मानकों का पालन सुनिश्चित कराने का दावा करता है, उसके अपने कार्यालय की सीढ़ियां ही सुरक्षित नहीं रहीं।

बताया जा रहा है कि करीब 16 साल पुरानी सीढ़ी अचानक टूट गई, जिससे निर्माण की गुणवत्ता और रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यदि यही स्थिति उस संस्था की है जो दूसरों को नियमों का पाठ पढ़ाती है, तो आम लोगों की सुरक्षा का जिम्मा किसके भरोसे है?

इस घटना ने एडीए की कार्यप्रणाली, निर्माण गुणवत्ता की निगरानी और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। अब जरूरत है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों और निर्माण एजेंसी की जिम्मेदारी तय की जाए।