बरेली: शिव पूजा करने पर शौहर करता था मारपीट, दे दिया तलाक; जमीला बन गई ज्योति
उप्र के बरेली जनपद के अगस्त्य मुनि आश्रम में के. के. शंखधर की छत्रछाया में शुद्धिकरण के बाद जमीला अब 'ज्योति' बनकर प्रकाश रविदास संग सात फेरे ले चुकी है।
बरेली से अनूप रायजादा की रिपोर्ट
बरेली/जनमत न्यूज़। उप्र के बरेली जनपद के अगस्त्य मुनि आश्रम में के. के. शंखधर की छत्रछाया में शुद्धिकरण के बाद जमीला अब 'ज्योति' बनकर प्रकाश रविदास संग सात फेरे ले चुकी है।
दरअसल, यह पूरा मामला झारखंड के बोकारो जिला अंतर्गत ग्राम लोधी नीच टोला (कुर्कनालो) निवासी आबिद अंसारी की पुत्री जमीला खातून का है जिसने मीडिया से रूबरू होने पर बताया कि उसकी भगवान शिव में गहरी आस्था थी।
वह पहले से ही चुपके-चुपके भगवान शंकर की पूजा-अर्चना किया करती थी। जब इस बात की जानकारी उसके पहले शौहर और ससुराल वालों को हुई, तो वे उसके साथ मारपीट और प्रताड़ना करने लगे।
जमीला के अनुसार, पूजा-पाठ छोड़ने से मना करने पर शौहर ने क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं और आखिरकार तीन तलाक बोलकर उसे घर से बेदखल कर दिया।
शिव भक्ति के कारण तीन तलाक और प्रताड़ना झेलने वाली झारखंड की जमीला ने सनातन धर्म अपना लिया है। उसका कहना है कि पाबंदियों और बुर्के में घुटन होती थी, जबकि सनातन में महिलाओं को देवी स्वरूप सम्मान मिलता है।







