पीलीभीत: मिशन सेफ फ्यूचर अभियान के तहत स्कूली वाहनों पर प्रशासन की सख्ती, तीन सीज; दो का चालान
उप्र के पीलीभीत जनपद में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर चलाए जा रहे मिशन सेफ फ्यूचर अभियान के तहत प्रशासन ने स्कूली वाहनों की जांच को लेकर सख्ती बढ़ा दी है।
पीलीभीत से प्रेम पाठक की रिपोर्ट
पीलीभीत/जनमत न्यूज़। उप्र के पीलीभीत जनपद में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर चलाए जा रहे मिशन सेफ फ्यूचर अभियान के तहत प्रशासन ने स्कूली वाहनों की जांच को लेकर सख्ती बढ़ा दी है।
मंगलवार को कोतवाली जहानाबाद क्षेत्र में पुलिस एवं परिवहन विभाग की संयुक्त टीम ने निजी स्कूलों में बच्चों को लाने-ले जाने वाले वैन एवं बसों की सघन चेकिंग की।
अभियान के दौरान टीम ने विभिन्न स्कूली वाहनों को रोककर उनके दस्तावेजों एवं सुरक्षा मानकों की बारीकी से जांच की। जांच में आवश्यक दस्तावेज एवं निर्धारित मानक पूरे न मिलने पर तीन स्कूली वाहनों को सीज कर दिया गया, जबकि दो वाहनों के चालान किए गए।
सीज किए गए वाहनों को आवश्यक कार्रवाई के लिए जहानाबाद एवं अमरिया थाना पुलिस के सुपुर्द किया गया है। जांच अधिकारी वर्डिस चतुर्वेदी ने बताया कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। अभियान सुप्रीम कोर्ट एवं परिवहन विभाग के निर्देशों के तहत संचालित किया जा रहा है।
चेकिंग के दौरान वाहनों की फिटनेस, बीमा, परमिट, चालक का वैध ड्राइविंग लाइसेंस, फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र, स्पीड गवर्नर सहित अन्य आवश्यक सुरक्षा मानकों की जांच की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
नियमों एवं निर्धारित सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के विरुद्ध आगे भी लगातार कार्रवाई की जाएगी। परिवहन विभाग की इस कार्रवाई से स्कूल संचालकों एवं वाहन चालकों में हड़कंप की स्थिति बनी रही।
जांच अधिकारी ने अभिभावकों से भी अपील की कि वे अपने बच्चों को केवल अधिकृत एवं निर्धारित सुरक्षा मानकों को पूरा करने वाले स्कूली वाहनों से ही भेजें। विशेष रूप से बरसात के मौसम में सड़क दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए वाहनों की फिटनेस एवं सुरक्षा उपकरणों की नियमित जांच बेहद जरूरी है।
प्रशासन ने साफ किया है कि मिशन सेफ फ्यूचर अभियान के तहत स्कूली वाहनों की जांच का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा, ताकि बच्चों का स्कूल आना-जाना सुरक्षित बनाया जा सके और नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन संचालकों पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित हो।







